बावल-बहरोड़ आरआरटीएस की पूरक डीपीआर को जल्द मंजूरी के निर्देश, मुख्य सचिव ने प्रक्रिया पूरी करने को कहा

राजस्थान में 25.16 किलोमीटर हिस्सा होगा

बावल-बहरोड़ आरआरटीएस की पूरक डीपीआर को जल्द मंजूरी के निर्देश, मुख्य सचिव ने प्रक्रिया पूरी करने को कहा
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बावल-बहरोड़ आरआरटीएस खंड की पूरक डीपीआर की समीक्षा। उन्होंने संबंधित विभागों में समन्वय कर जल्द अनुमोदन और राज्य की सैद्धांतिक स्वीकृति केंद्र को भेजने के निर्देश। 129.05 किलोमीटर लंबे सराय काले खां-बहरोड़ कॉरिडोर में राजस्थान का हिस्सा 25.16 किलोमीटर।

जयपुर। नमो भारत रेल कॉरिडोर के तहत दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के बावल-बहरोड़ खंड की पूरक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। शासन सचिवालय में हुई बैठक में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति से जुड़े बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर पूरक डीपीआर को शीघ्र अनुमोदन के लिए भेजने और सक्षम स्तर से मंजूरी प्राप्त कर राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति केंद्र सरकार को जल्द भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परियोजना से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। सराय काले खां से बहरोड़ तक प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई 129.05 किलोमीटर है, जिसमें राजस्थान में 25.16 किलोमीटर हिस्सा होगा। राजस्थान में शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड़, शाहजहांपुर, नीमराणा और बहरोड़ चार एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। बावल-बहरोड़ खंड की अनुमानित लागत 7,747 करोड़ रुपये है। इसमें 5,167.28 करोड़ मूल लागत, करीब 640 करोड़ भूमि लागत और 1,861 करोड़ उद्यम निधि शामिल है। बैठक में वित्तपोषण, चरणबद्ध व्यय और राज्य के वित्तीय दायित्वों पर भी चर्चा हुई।

 

Read More सड़क हादसों में मौतों को रोकने की चुनौती, दुर्घटना होते ही पुख्ता इलाज की व्यवस्था

Read More इंटरनेशनल मार्केट की नरमी का असर : सोना और चांदी हुई सस्ती, जानें क्या है भाव  

 

 

Post Comment

Comment List

Latest News

सरकारी बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों की कमी : वाहनों का ईंधन खर्च बेलगाम, 4 साल में पेट्रोल-डीजल पर फूंके 92 करोड़ सरकारी बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों की कमी : वाहनों का ईंधन खर्च बेलगाम, 4 साल में पेट्रोल-डीजल पर फूंके 92 करोड़
सरकारी वाहनों पर चार साल में पेट्रोल-डीजल के लिए 92.14 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए। 286 वाहनों के बेड़े...
राजस्थान में सिगवर्क का 630 करोड़ का निवेश, भिवाड़ी बनेगा वैश्विक रणनीतिक हब
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, 3000 रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन की उठाई मांग
पंजाब को दलाली का प्रदेश बनाने वाले मान दें इस्तीफा : पावन धरती को भ्रष्टाचारी की धरती में बदला, भाटिया ने कहा- भ्रष्टाचार का प्रतीक बने केजरीवाल
जन्माष्टमी पर गोविंद देव जी जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी डिजिटल सुविधा, क्यूआर कोड स्कैन करते ही पार्किंग, डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग की जानकारी एक जगह
कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में घायल शख्स की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई
जीडीपी आंकड़ों पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, जयराम रमेश बोले- आंकड़ों की बाजीगरी से अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी