जोजरी प्रदूषण पर सरकार सख्त, विभागों को समयबद्ध एक्शन प्लान बनाने के निर्देश
सीएस वी. श्रीनिवास ने की सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा
जयपुर। जोजरी नदी में बढ़ते प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में जोजरी नदी प्रदूषण मामले में गठित इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप (आईसीजी)की बैठक हुई। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना और अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की गई।
बिना उपचार प्रदूषित पानी रोकने पर फोकस :
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप विभागवार एक्शन प्लान तैयार करें। कार्ययोजना केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं हो, बल्कि जोजरी नदी क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति में दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित करे। उन्होंने बिना उपचार के प्रदूषित पानी नदी में जाने की घटनाओं की जांच कर तत्काल रोकथाम के निर्देश दिए।
मिट्टी, फसल और भूजल की जांच :
कृषि विभाग को प्रभावित क्षेत्र में विशेषज्ञ टीम भेजकर मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कराने तथा फसलों पर प्रदूषण के प्रभाव का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फसल पैटर्न में बदलाव और कृषि भूमि पर पड़ रहे प्रभाव के आधार पर दीर्घकालिक सुधारात्मक योजना तैयार करने को कहा गया। पीएचईडी और भूजल विभाग को भूजल व पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच तथा अतिरिक्त पिजोमीटर लगाने के निर्देश दिए गए।
शिकायतों के लिए बनेगा समर्पित पोर्टल :
वन विभाग को वन क्षेत्रों में जमा कचरे और वनस्पति की स्थिति की जांच कर कार्रवाई करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को गंभीर बीमारियों से संबंधित शिकायतों के मद्देनजर स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य निगरानी के निर्देश दिए गए। एसआईटी की ओर से दर्ज मामलों की समीक्षा कर पुलिस को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में आरएसपीसीबी अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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