जन्माष्टमी : रात बारह बजे होगा योगेश्वर श्रीकृष्ण का जन्म,श्रद्धालुओं को 13 घंटे देंगे दर्शन
सुरक्षा व्यवस्था में हजारों पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक तैनात
जयपुर। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन पूरे प्रदेश में श्रद्धा, भक्ति से मनाया जाएगा। गुलाबी नगरी में मुख्य आयोजन ठाकुर श्री गोविंद देवजी मंदिर में होगा। इसके अलावा शहर के सभी कृष्ण मंदिरों में कान्हा के जन्म को लेकर भव्य आयोजन होंगे। गोविन्द देवजी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साक्षी बनने के लिए मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर प्रशासन ने जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। ठाकुरजी के दर्शन शुक्रवार को सुबह चार बजे से शुरू होंगे, जो रात करीब साढ़े दस बजे पट बंद होंगे। श्रद्धालुओं को ठाकुरजी करीब 13 घण्टे दर्शन देंगे। जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन रात 12 बजे होगा। इस दौरान 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की घोषणा होगी। ठाकुर गोविंद देवजी के विशेष अभिषेक दर्शन होंगे। भगवान के जन्मोत्सव के साथ ही मंदिर ‘नन्द के आनन्द भयो, जय कन्हैयालाल की गूंज’ से गुंजायमान हो जाएंगे। मंदिरों में झांकियों के जरिए श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भाव और मर्म समझाने का प्रयास किया जाएगा। देवस्थान विभाग के मंदिरों में भी झांकियों के दर्शन होंगे। वहीं कॉलोनियों और सोसायटी के मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्म, वासुदेव द्वारा कान्हा को गोकुल ले जाना, यशोदा मैया के साथ बाल कृष्ण, माखन चोरी, गोचारण, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन पर्वत धारण, कंस वध और इंद्र का घमंड चूर करने सहित विभिन्न प्रसंगों पर झांकियां सजाई जाएंगी।
तैयारियों को दिया अंतिम रूप :
जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में गुरुवार को तैयारियां अंतिम रूप दिया गया। कहीं फू लों और विद्युत सजावट से मंदिर परिसर को सजाया गया तो कहीं कान्हा के लिए विशेष पोशाक, मुकुट और आभूषण तैयार किए हैं।
यह रहेगी प्रवेश और निकास की व्यवस्था :
मंदिर में प्रवेश केवल जलेब चौक से होगा। श्रद्धालुओं के लिए तीन अलग-अलग लाइनें बनाई हैं, जिसमें पास वाले श्रद्धालु, बिना जूते-चप्पल वाले श्रद्धालु और जूते-चप्पल पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं का निकास जयनिवास उद्यान से होगा। एक हजार पुलिसकर्मी, तीन हजार स्वयंसेवक सुरक्षा में तैनात रहेंगे।

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