निकाय चुनाव : नाम वापसी के बाद स्थिति साफ, 10,245 वार्डों में 28 हजार से ज्यादा प्रत्याशी
7,800 ने छोड़ा मैदान, 62 निर्विरोध
जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में नाम वापसी के बाद चुनावी मैदान की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकडेÞ अनुसार 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए कुल 69,837 नामांकन दाखिल हुए थे। ये नामांकन 58,760 उम्मीदवारों ने भरे। जांच के दौरान 16,019 नामांकन खारिज हुए और 49,092 नामांकन वैध दर्ज किए गए। अलग अलग चरणों के बाद आयोग की तालिका में 42,509 वैध नामांकित उम्मीदवार, 7,800 नाम वापसी, 62 निर्विरोध और अंतत: करीब 28,153 से ज्यादा प्रत्याशी दर्ज हैं। हांलाकि, यह आंकडा फाइनल नहीं है। आयोग के पूरी लिस्ट अपडेट करने के बाद यह आंकडा बदल सकता है।
नाम वापसी के आंकड़े बताते हैं कि टिकट मिलने, बागियों को मनाने और स्थानीय राजनीतिक समझौतों की आखिरी कोशिशों ने मैदान पर बड़ा असर डाला है। अकेले जयपुर नगर निगम में करीब 281 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए। यहां 150 वार्डों के लिए 1,378 नामांकन आए थे और आयोग की शीट में अब करीब 723 प्रत्याशी मैदान में दर्ज हैं। यानी राज्य की राजधानी इस चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ा अखाड़ा बनी हुई है।
दिलचस्प तस्वीर कोटपूतली की है। केवल 60 वार्डों वाली कोटपूतली नगर परिषद में 428 उम्मीदवार दर्ज हैं। यहां 834 नामांकन आए, 606 उम्मीदवार थे और 138 ने नाम वापस लिया। प्रत्याशियों की कुल संख्या में यह जयपुर के बाद सबसे ऊपर दिखाई देती है। बड़े शहरों में मुकाबले की भीड़ देखें तो भरतपुर नगर निगम में 401, जोधपुर नगर निगम में 385, बीकानेर में 374 और कोटा नगर निगम में 373 प्रत्याशी दर्ज हैं। जोधपुर में नाम वापसी भी जबरदस्त रही, 100 वार्डों वाले निगम में 188 उम्मीदवारों ने मैदान छोड़ा। दूसरी ओर निर्विरोध निर्वाचन अभी अपवाद ही है। राज्यभर में कुल 62 निर्विरोध उम्मीदवार दर्ज हैं। बेगूं नगरपालिका में सर्वाधिक पांच, बिलाड़ा और बृजनगर में चार-चार तथा रामगढ़ शेखावाटी में तीन उम्मीदवार निर्विरोध दर्ज किए गए हैं। बेगूं के 35 वार्डों में पांच निर्विरोध प्रत्याशी होना राज्य की सामान्य प्रतिस्पर्धी तस्वीर से अलग नतीजा है।

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