नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क : बाघ के हमले से पहले भी हुई कई घटनाएं, कभी लेपर्ड पिंजरे से बाहर निकला तो कभी भालू ने पिंजरा तोड़ा

स्टाफ की भी कमी

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क : बाघ के हमले से पहले भी हुई कई घटनाएं, कभी लेपर्ड पिंजरे से बाहर निकला तो कभी भालू ने पिंजरा तोड़ा
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ के हमले से महिला मजदूर की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। पार्क के 75 से अधिक सीसीटीवी कैमरों में कई खराब और आउट ऑफ फोकस।

जयपुर। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ के हमले में महिला मजदूर की मौत की घटना के बाद यहां कई खामियां सामने आई हैं। बायोलॉजिकल पार्क में प्रवेशद्वार से लेकर वन्यजीवों के हर पिंजरों में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।

वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इनमें 75 से अधिक कैमरों में से अधिकतर कैमरे खराब मिले। कई कैमरे आउट ऑफ फोकस अवस्था में थे। बताया जा रहा है कि 16 नम्बर एन्क्लोजर और आसपास करीब 6 कैमरे लगे हैं, इनमें कई खराब थे।

केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने बताई थीं कमियां : वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली की ओर से जनवरी, 2026 में नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए यहां आई थी। इस दौरान उन्होंने रिपोर्ट में बताया था कि रिपोर्ट में बताया गया था कि दुर्घटनाओं में बचाव के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान लागू नहीं है।

जांच करने आए दल को पार्क में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और फायर अलार्म उपलब्ध नहीं मिला था। साथ ही सहायक पशु चिकित्सक के अलावा प्रशिक्षित कंपाउंडर और एक्स-रे टेक्नीशियन की जरूरत भी बताई गई थी।

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डिस्प्ले एन्क्लोजर का गेट खोलने से पहले जांचा क्यों नहीं : कई वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी बाघ को डिस्प्ले एन्क्लोजर में पर्यटकों के अवलोकनार्थ छोड़ा जाता है तो सबसे पहले ये चैक किया जाता है कि पिंजरे में कोई है तो नहीं। लेकिन इस मामले को देखकर लगता है कि बाघ को डिस्प्ले एन्क्लोजर में खोलने से पहले इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। जबकि वहां 6 महिलाएं घास काट रहीं थीं। उस समय निगरानी के लिए कोई कार्मिक साथ रहना चाहिए था। अब सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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22 पिंजरों में 29 प्रजातियों के वन्यजीव, स्टाफ की कमी : वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 29 प्रजातियों के करीब 240 से अधिक वन्यजीव रहवास कर रहे हैं। इनकी मॉनिटरिंग के लिए यहां केयर टेकर सहित स्टाफ की कमी बताई जा रही हैं। बायोलॉजिकल पार्क में पिंजरों की संख्या करीब 22 है।

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हर साल कम हो रही पर्यटक संख्या :

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में पर्यटकों की उपस्थिति के आंकड़ों की बात की जाए तो इसमें कमी देखने को मिली।  साल 2022-23 में 721404 पर्यटक आए  साल 2023-24 में 702893 पर्यटक आए  साल 2024-25 में 541732 पर्यटक आए  2025 (31 दिसम्बर तक) 494066 पर्यटक आए।

यहां बाघों की संख्या 14 :

बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन रानी और उसके पांच शावकों को ऑफ डिस्प्ले एन्क्लोजर में रखा गया है। डिस्प्ले एन्क्लोजर में बाघ शिवाजी को छोड़ा जाता है। टाइगर सफारी में नर बाघ गुलाब, सफेद बाघ भीम, बाघिन स्कंदी, चमेली और भक्ति को रखा गया है। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर लाया गया एक बाघ रणवीर है। जिसे आॅफ डिस्प्ले रखा गया है। एक बाघ शावक है, जिसे देखभाल के लिए रेस्क्यू सेंटर के नियो निटेल केयर में रखा गया है।

इससे पहले भी हुए हादसे  :

2019-20 में एक केयर टेकर मुन्ना की एक बाघिन ने अंगुली चबा ली थी।

अप्रैल 2022 में रेस्क्यू सेंटर में भालु पिंजरा तोड़कर बाहर निकल गया था।

अक्टूबर, 2025 में टाइगर सफारी में सफारी बस का टायर गड्ढे में फंस गया था।  7 दिसम्बर, 2025 में यहां लायन सफारी में शॉर्ट सर्किट के कारण बस में आग लग गई थी।

2 अप्रैल, 2026 को बार्किंग डियर बाहर निकल गया था, जिसका आज तक पता नहीं लग सका।

इसी साल नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर से एक लेपर्ड बाहर निकल गया था। इसमें एक प्राइवेट केयर टेकर ने पिंजरा खुला छोड़ दिया था।

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