प्रशिक्षण के बाद नौकरी छोड़ने पर खर्च लौटाना होगा, राजस्थान सेवा नियमों में संशोधन
3 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू
जयपुर। राज्य सरकार ने राजस्थान सेवा नियम, 1951 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए राजस्थान सेवा (संशोधन) नियम, 2026 जारी किए हैं। वित्त विभाग की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी। संशोधन के तहत राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण लेने वाले कर्मचारी को प्रशिक्षण अवधि के दौरान या प्रशिक्षण पूरा होने के दो वर्ष के भीतर इस्तीफा देने अथवा दूसरी नौकरी करने पर सरकार द्वारा प्रशिक्षण पर किए गए खर्च की राशि लौटानी होगी। इसमें वेतन तथा यात्रा एवं दैनिक भत्ते की राशि शामिल नहीं होगी। इसके लिए प्रशिक्षण शुरू होने से पहले कर्मचारी को बांड भरना अनिवार्य होगा। तीन महीने से अधिक अवधि के प्रशिक्षण पर जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी सेवा अवधि निर्धारित की गई है। तीन से छह महीने तक के प्रशिक्षण पर एक वर्ष और छह महीने से अधिक प्रशिक्षण पर दो वर्ष तक राज्य सरकार की सेवा करनी होगी।
हालांकि केंद्र सरकार, अन्य राज्य सरकार, सरकारी उपक्रम, अर्द्धसरकारी संस्थान, रिजर्व बैंक या ग्रामीण बैंकों में नौकरी मिलने पर पुराने बांड की शर्त लागू नहीं होगी, लेकिन नई संस्था में निर्धारित अवधि की सेवा के लिए नया बांड देना होगा। संशोधन में बाल देखभाल अवकाश और सरोगेसी मातृत्व अवकाश से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

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