वित्त विभाग का बड़ा फैसला, एसएनए-स्पर्श में मदर सैंक्शन को लेकर राजस्थान में नई व्यवस्था
खर्च की निगरानी और पहचान बेहतर होगी
जयपुर। वित्त विभाग ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत एसएनए-स्पर्श प्रणाली में मदर सैंक्शन जारी करने और उपयोग करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र के व्यय विभाग ने 21 जुलाई 2026 को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर यह व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य मदर सैंक्शन जारी करने, संशोधन और भुगतान प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को दूर करना है। नई व्यवस्था के तहत एक से अधिक राज्य लिंक्ड योजनाओं वाली केंद्र प्रायोजित योजनाओं में प्रत्येक योजना के लिए अलग मदर सैंक्शन जारी कराने को कहा गया है। इससे खर्च की निगरानी और पहचान बेहतर होगी।
वित्त विभाग की सहमति की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है और विभागों को प्रत्येक मदर सैंक्शन के लिए अलग से स्वीकृति लेने के लिए प्रस्ताव भेजने से रोका गया है। राज्य आईएफएमएस को पीएफएमएस से प्रभावी रूप से जोड़ने, मदर सैंक्शन का समय पर सत्यापन करने और भुगतान फाइलों का निर्धारित समय में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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