अशोक गहलोत ने अरावली संरक्षण पर सरकार को चेताया, नोडल अधिकारी न नियुक्त करने पर जताई नाराजगी
अरावली बचेगी, तो राजस्थान बचेगा
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी 6 से 10 अगस्त तक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अरावली क्षेत्र का दौरा कर पर्यावरण, खनन, जैव विविधता और भूमि उपयोग का जमीनी आकलन करेगी।
यह अरावली संरक्षण का महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन आईसीएफआरई के 27 जून के पत्र और स्मरण के बावजूद राज्य सरकार ने नोडल अधिकारी तक नियुक्त नहीं किया, जो निंदनीय है। गहलोत ने कहा है कि अरावली थार रेगिस्तान को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार है तथा जल स्रोत, वर्षा चक्र, वन्यजीव और आजीविका का आधार। भाजपा ने अवैध खनन रोकने और ग्रीन कॉरिडोर का वादा किया था, पर तैयारी नहीं हुई। गहलोत ने आग्रह किया कि तत्काल वरिष्ठ नोडल अधिकारी नियुक्त कर जनसुनवाई में स्थानीय आवाज दर्ज कराई जाए और अवैध खनन पर कार्रवाई हो। अरावली बचेगी, तो राजस्थान बचेगा।

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