लापरवाह सिस्टम: कोटा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ठप हो गई ऑक्सीजन की सप्लाई, 2 मरीजों की मौत

लापरवाह सिस्टम: कोटा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ठप हो गई ऑक्सीजन की सप्लाई, 2 मरीजों की मौत

कोटा शहर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मंगलवार सुबह ऑक्सीजन सप्लाई अचानक रुक जाने से दो मरीजों की मौत हो गई। मरीज ब्लॉक 4 ए में भर्ती थे। इस पर मृतकों के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि करीब 1 बजे ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई थी। ऐसे में परिजनों ने हंगामा कर दिया।

कोटा। शहर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मंगलवार सुबह ऑक्सीजन सप्लाई अचानक रुक जाने से दो मरीजों की मौत हो गई। मरीज ब्लॉक 4 ए में भर्ती थे। इस पर मृतकों के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि करीब 1 बजे ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई थी। ऐसे में परिजनों ने हंगामा कर दिया। करीब एक घंटे बाद ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हुई। इसके बाद मरीजों का उपचार शुरू हुआ। उस समय तक मरीज दम तोड़ चुके थे। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इसको नकारा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि केवल 2 से 3 मिनट के लिए ऑक्सीजन प्रेशर डाउन हुआ था, सप्लाई बंद नहीं हुई थी। साथ ही ऑक्सीजन की कमी से दो तीन मिनट में ऐसा होना संभव नहीं है। कोविड अस्पताल के ऑक्सीजन बेड पर भर्ती मरीज के परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत है कि वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक से नहीं हो रही है। इसलिए मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगती है। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार देर रात सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के मरीजों की मौत दम घुटने से हुई है।

इनकी हुई मौत
मृतकों में बारां निवासी एक महिला करीब एक सप्ताह पूर्व भर्ती हुई थी। महिला की रिपोर्ट बाद में पॉजीटिव मिली। उनके परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन सेचुरेशन तो कम था। अचानक ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से ऐसी स्थिति आ गई। उनका आरोप था कि ऑक्सीजन बाधित नहीं होती तो ऐसा हादसा टला सकता था। वार्ड में 25 से अधिक मरीज भर्ती थे। इसी तरह मोडक स्टेशन निवासी एक पुरूष की मौत पर भी परिजनों ने आरोप लगा है। उनका कहना था कि डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ से ऑक्सीजन बंद होने की शिकायत की गई थी। उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त होने में थोड़ा समय लगने की बात कही। साथ ही सलाह दी कि मरीज को पंपिंग करो। करीब सुबह 3 बजे बाद ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हुई। इसी तरह कोटा निवासी एक जने की मौत पर यही बात कही गई है।

नाकाफी ऑक्सीजन
अस्पताल में 608 मरीज भर्ती है। 500 से अधिक मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। इनके लिए 1800 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर की जरुरत पड़ रही है, लेकिन अब व्यवस्था बिगड़ने लगी है।

परिजनों का आरोप गलत है। दो या तीन मिनट प्रेशर कम हो गया था। बाद में सुचारू व्यवस्था हो गई थी। हम मरीजों को बेहतर उपचार दे रहे है।
-डॉ. नीलेश जैन, अधीक्षक, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कोटा

ऐसा लगता नहीं है। क्योंकि, ऑक्सीजन सप्लाई ठप होती तो और मरीजों को भी दिक्कत होती। फिर भी इसके लिए कमेटी गठित कर दी है। अधीक्षक से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
- डॉ. विजय सरदाना, प्राचार्य, न्यू मेडिकल कॉलेज, कोटा

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