टेंशन से बचना है तो मस्त रहिए

अगर थकान महसूस हो रही हो, दिल तेजी से धड़क रहा हो, कमजोरी महसूस हो रही हो, तो साफ मतलब है कि हम टेंशन में हैं।

टेंशन से बचना है तो  मस्त रहिए

अपने जैसे लाखों के बारे में सोचिए और मस्त रहिए। आप सफल नहीं हुए तो इसमें सिर्फ आप वजह नहीं हैं, इसमें कम जगह और उन जगहों को चाहने वालों की बड़ी संख्या जिम्मेदार है।

आज की तारीख में टेंशन मोबाइल फोन के जैसा हो गया है। बहुत कम लोग बचे हैं, जो टेंशन से दूर हों। जिनके पास टेंशन है, वह उसी तरह उनके साथ सुबह बिस्तर से उठने से लेकर रात सोने तक रहता है, जैसे मोबाइल फोन रहता है। कई बार तो लगता है कि जैसे आज की लाइफस्टाइल और टेंशन एक दूसरे का पर्याय हो गये हैं। एक का दूसरे के बिना काम ही नहीं चलता। लेकिन इसको इतनी सहजता से न लें। भले टेंशन दिन रात हमारे साथ रहता हो, लेकिन टेंशन फिर भी हमारा अपना कतई नहीं है, उसे जब भी मौका मिलेगा, वह किसी न किसी रूप में हमें नुकसान ही पहुंचायेगा।


आइये जानते हैं कैसे ?
अगर थकान महसूस हो रही हो, दिल तेजी से धड़क रहा हो, कमजोरी महसूस हो रही हो, तो साफ मतलब है कि हम टेंशन में हैं। अब जब हमें पता ही चल गया है तो सवाल है इससे कैसे निपटें ?


-एक गिलास रूम टैम्प्रेचर का पानी पीएं। रिलैक्स करें। समय हो और संभव हो तो एक से डेढ़ किलोमीटर तक अकेले में चुपचाप घूमने निकल जाएं। दिल धीरे धीरे फिट होने लगेगा। घर लौटकर आएं अगर घर वालों से बातें करने का मन है तो करें वरना आधा पौना घंटे लेट जाएं। अगर इस बीच एक हल्की सी गहरी झपकी आ जाए तो सोने में सुहागा,सारा टेंशन दूर हो जाएगा। लेकिन अगर झपकी नहीं भी आती तो भी काफी आराम महसूस करेंगे।

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आपको जिस रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार था, वह आ गया है। लेकिन हाय री किस्मत आपका नाम सफल उम्मीदवारों में नहीं है। हमें पता है टेंशन इसी की फिराक में है। जैसे ही आप हकीकत से दोचार होंगे कि टेंशन आपके सिर पर चढ़कर बैठ जायेगा। लेकिन इससे झगडे न, इससे भयभीत होने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बातें को सोचने भर की जरूरत है। माना कि आपका सलेक्शन नहीं हुआ, लेकिन जगह सिर्फ 254 हैं और उम्मीदार थे 3 लाख 42 हजार। जाहिर है आप अकेले ऐसे नहीं हैं जो रिजल्ट से नाउम्मीद हुए हैं। इसलिए अपने जैसे लाखों के बारे में सोचिए और मस्त रहिए। आप सफल नहीं हुए तो इसमें सिर्फ आप वजह नहीं हैं, इसमें कम जगह और उन जगहों को चाहने वालों की बड़ी संख्या जिम्मेदार है।घर का एक सदस्य बहुत गंभीर रूप से बीमार है। आप खुद से हेल्पलेस महसूस कर रहे हैं, क्योंकि कुछ कर नहीं पा रहे हैं।


- यह बहुत आम बात है घर के किसी महत्वपूर्ण सदस्य की बीमारी ही नहीं अगर वह अचानक कहीं चला गया है तो भी कई बार उन घरों में यह काफी चिंता बढ़ाने वाला हो जाता है, खास करके जब बीमार व्यक्ति की बहुत सारी जिम्मेदारियां जीवित रहने वाले लोगों की तरफ बढ़ी चली आ रही हों, तो इस तनाव से बचने का एक ही तरीका है मान लें कि आप बचे हुए भाई नहीं हैं यानी आप भी परेशान हैं तो क्या इस परेशानी से आपकी समस्या का हल निकल आयेगा। शायद नहीं। इसलिए बेफिक्र रहें, क्योंकि चाहकर भी कुछ कर नहीं सकते।

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