केंद्र की मनाही, पर हम ईआरसीपी नहीं रोक रहे-गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकारें बदलती है तो काम ठप हो जाते हैं। पहले रिफाइनरी ठप हो गई।

केंद्र की मनाही, पर हम ईआरसीपी नहीं रोक रहे-गहलोत

उदयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकारें बदलती है तो काम ठप हो जाते हैं। पहले रिफाइनरी ठप हो गई। भाजपा सरकार में आती है तो कई काम ठप करती है। हम आते हैं तो कभी काम ठप नहीं करते। ईआरसीपी को लेकर पीछे पड़े हुए हैं, केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करना चाहिए। उनके सहयोग नहीं करने पर भी हम काम नहीं रोक रहे हैं।

उदयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकारें बदलती है तो काम ठप हो जाते हैं। पहले रिफाइनरी ठप हो गई। भाजपा सरकार में आती है तो कई काम ठप करती है। हम आते हैं तो कभी काम ठप नहीं करते। ईआरसीपी को लेकर पीछे पड़े हुए हैं, केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करना चाहिए। उनके सहयोग नहीं करने पर भी हम काम नहीं रोक रहे हैं। आज तक नहीं देखा कि केंद्र सरकार किसी प्रोजेक्ट को रोकने के लिए लिखकर भेजे। उदयपुर के अल्प प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके अनुभव में यह पहला मुद्दा होगा, जब केंद्र सरकार ने किसी योजना को रोकने का लिख कर भेजा। उन्होंने इस योजना के लिए नौ हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं और काम चलता रहेगा। प्रधानमंत्री पर इस मांग को लेकर बराबर दबाव बनाए रखेंगे और संघीय ढांचे में यह हमारा अधिकार है। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री जयपुर व अजमेर में वादा कर गए हैं तो वे उसे क्यों नहीं निभा रहे हैं और यहां के नेता चुप क्यों बैठे हैं।

किरोड़ीलाल मीणा से कहना चाहेंगे कि यहां से जीतकर गए 25 सांसद मिलकर पीएम के पास जाएं और राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांगे करें, हम भी साथ चलेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना समय पर पूरी हो जाती है तो राजस्थान के तेरह जिलों के लिए पेयजल और सिंचाई का प्रबंध होगा। ये जिले अभी पानी के बिना तड़प रहे हैं। अगर केन्द्र सरकार आगे आएगी तो योजना समय पर पूरी होगी। गहलोत ने कहा कि भाजपा ने रिफाइनरी में पांच वर्ष का विलम्ब किया जिससे 40 हजार करोड़ की योजना आज 70 हजार करोड़ हो गई। ऐसे ही ईआरसीपी में सरकार सहयोग नहीं करती है तो समय लगने के साथ ही लागत बढ़ जाएगी, सरकार को चाहिए बड़ा दिल रखे। यह योजना उनके कार्यकाल की है। वसुन्धरा राजे ने यह योजना प्रारंभ की थी। हमने उसको रिफाइनरी की तरह बंद नहीं किया। टूटना ही था बिहार में गठबंधन बिहार में बदलाव के सवाल पर गहलोत ने कहा कि इनका सरकार में आने का नाता था, वह टूटना ही था और टूट गया। गोवा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और अभी महाराष्ट्र में तानाशाही प्रवृत्ति से लोकतंत्र की हत्या की। संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। देश इनको कभी माफ नहीं करेगा। महंगाई-बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस के अभियान से ये बचाव की मुद्रा में आ गए। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में 28 अगस्त को देशव्यापी रैली हो रही। महिलाओं की बातें करते हैं लेकिन महंगाई की मार से उनके लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। ईआरसीपी की पैरवी करें कटारिया कांग्रेस के महात्मा गांधी को भूलने संबंधी कटारिया के बयान पर गहलोत ने कहा कि कटारिया से कहें कि वे ईआरसीपी की पैरवी करें। वे देवास की पैरवी कर रहे थे। हमने उनसे आगे बढ़कर देवास योजना को पूरा किया। उसे पिछली बार उनकी सरकार नहीं करवा पाई थी। कटारिया फैल हो गए थे। वर्ष 2009 में हमारी सरकारी बनने पर उसको पूरा किया। कटारिया की खुद की पार्टी में नहीं चलती, क्या बात करते हैं वे। उम्मीद है कन्हैया मामले में न्याय मिलेगा शुक्रिया अदा करने आए कन्हैयालाल के दोनों पुत्रों से मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शुक्रिया की बात नहीं है। इतने बड़े हादसे से वे कैसे भूल सकते हैं। चाहे नौकरी दे दी, वे इससे संतुष्ट नहीं है क्योंकि घटना बहुत भयावह थी। हत्यारों को सजा मिले यह हम सबका संकल्प है। न्यायपालिका से उम्मीद करते हैं इनको न्याय मिलेगा। घटना के बाद भाजपा ने भड़काने की बहुत कोशिश की और खुद सात दिन आगे नहीं आए। जनजाति कलाकारों संग मुख्यमंत्री ने किया गैर नृत्य मुख्यमंत्री मानगढ़ से हेलीकॉप्टर से सीधे यहांरेलवे ट्रेनिंग स्कूल मैदान पर पहुंचे, जहां जनजाति कलाकारों के गैर नृत्य एवं परम्परागत स्वागत से वे अभिभूत हो उठे। जिला कलक्टर ताराचंद मीणा, जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा, नगर निगम उपायुक्त अनिल पालीवाल, एएसपी एसीबी उमेश ओझा ने उनका स्वागत किया। कुछ ही कदम चलने पर जनजाति कलाकारों ने आकर्षक वेशभूषा में परंपरागत वाद्ययंत्रों की स्वर लहरियों के साथ नृत्य करते हुए मुख्यमंत्री की अगवानी की। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी कलाकारों के साथ नृत्य किया तो मुख्यमंत्री गहलोत ने ढोल पर ताल देकर कलाकारों को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों की हौसला अफजाई के लिए उनके साथ फोटो भी खिंचवाया। यहां कांग्रेस नेताओं ने भी मेवाड़ी पगड़ी, उपरणा ओढ़ाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आमजन की सुनी परिवेदनाएं मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में पहुंचे आमजनों की परिवेदनाओं को भी सुना और उनकी समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के निर्देश दिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और शहरवासी मौजूद थे। इसके बाद मुख्यमंत्री उदयपुर रेलवे ट्रेनिंग हेलीपैड से भींडर के लिए प्रस्थान कर गए।

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