अवकाश, कार्यमुक्ति एवं कार्यग्रहण और अन्य सभी कार्य को एक दिसम्बर से संस्कृत शाला दर्पण पर होंगे ऑनलाईन

अवकाश, कार्यमुक्ति एवं कार्यग्रहण और अन्य सभी कार्य को एक दिसम्बर से संस्कृत शाला दर्पण पर होंगे ऑनलाईन

संस्कृत शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में संस्कृत शिक्षा राज्यमंत्री सुभाष गर्ग ने कर्मचारियों की लम्बित शिकायतों का करें त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश।

जयपुर। संस्कृत शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने संस्कृत शिक्षा के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि कर्मचारियों की समस्त लम्बित शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर उन्हें राहत प्रदान की जाए। उन्होेंने संस्कृत शिक्षा विभाग के विभिन्न न्यायालयों में भर्ती संबंधित मुद्दों तथा अपेक्षित पदों के लिए विभाग की ओर से पुख्ता पैरवी करने के निर्देश दिये। उन्होंने विभाग में आवश्यक पदों के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। संस्कृत शिक्षा में अवकाश, कार्यमुक्ति एवं कार्यग्रहण तथा अन्य सभी कार्य को एक दिसम्बर, से संस्कृत शाला दर्पण पर ऑनलाईन सम्पादित करने के निर्देश दिये । उन्होंने कहा कि ऑनलाईन सिस्टम सुदृढीकरण किया जाये तथा विद्यार्थियों को मार्कशीट, माईग्रेशन तथा अन्य जरूरी दस्तावेज एवं अन्य कार्यों को ऑनलाईन संचालित किया जाये। इस के साथ ही उन्होंने अधिकारियों को शून्य नामांकन वाले संस्कृत विद्यालयों को शिफ्ट करने के निर्देश भी दिये।

संस्कृत शिक्षा राज्यमंत्री की अध्यक्षता में  आज सचिवालय स्थित मंत्रालियक भवन में अतिरिक्त मुख्य सचिव संस्कृत शिक्षा पी.के. गोयल तथा निदेशक डॉ. दीर्घाराम रामस्नेही, उपसचिव संस्कृत शिक्षा मोहम्मद सलीम खान तथा अन्य संबंधित की उपस्थिति में संस्कृत शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में संस्कृत शिक्षा राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वैदिक संस्कार एवं शिक्षा बोर्ड की जन घोषणा को मूर्त रूप देने के लिए जल्द ही एक वेबीनार का आयोजन किया जाये जिसमें संस्कृत के विद्वानों को आमंत्रित किया जाये, तथा उनके सुझावों का एक प्रस्ताव तैयार किया जावे। देववाणी ऎप में रजिस्टर्ड साठ हजार यूजर्स हैं जिनकी संख्या बढ़ाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया।

डॉ. गर्ग ने संस्कृत शिक्षा निदेशक डॉ. दीर्घराम रामस्नेही को निर्देशित किया कि वे समस्त सम्भागीय कार्यालयों का निरीक्षण करें एवं सम्भागीय कार्यालयों का भी फील्ड विजिट एवं निरीक्षण करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जगद्गुरू रामानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में अन्य संकायों को पाठ्यक्रम में शामिल कर विश्वविद्यालय में  नामांकन बढ़ाने के  प्रयास किये जाए।

संस्कृत शिक्षा राज्यमंत्री ने निजी विद्यालय/महाविद्यालय खोलने के संबंध में स्पष्ट निति निर्धारित करने हेतु निर्देशत किया। उन्होंने ने निजी महाविद्यालयों की मान्यता नीति उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी नीति के अनुसार प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिये। डॉ. गर्ग द्वारा निजी संस्कृत विद्यालयों की मान्यता राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रचलित नीति के आधार पर तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया । उन्होंने संस्कृत शिक्षा के समस्त विद्यालयों के भवनों का निरिक्षण कर मापदंड अनुसार वस्तुस्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु संस्कृत शिक्षा निदेशक को निर्देशित किया।

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