इशरत जहां एनकाउंटर केस: CBI की स्पेशल कोर्ट से 3 पुलिसकर्मी बरी, कहा- मृतका के आतंकी न होने का सबूत नहीं

इशरत जहां एनकाउंटर केस: CBI की स्पेशल कोर्ट से 3 पुलिसकर्मी बरी, कहा- मृतका के आतंकी न होने का सबूत नहीं

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट इशरत एनकाउंटर मामले में तीनों पुलिस अधिकारियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि लश्कर ए तैयबा की की इशरत आंतकी थी। अधिकारियों ने आईबी से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की।

अहमदाबाद। गुजरात के चर्चित इशरत जहां मुठभेड़ प्रकरण में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने राज्य के दो तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों समेत 3 पुलिसकर्मियों को आरोपमुक्त कर दिया। विशेष जज विपुल रावल ने इस मामले में जेल में भी रह चुके सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक तरुण बारोट, आईपीएस अधिकारी जी एल सिंघल और तत्कालीन सहायक सब इन्स्पेक्टर अनाजु चौधरी को आरोप मुक्त कर दिया। उनकी आरोप मुक्ति अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी पुलिस अधिकारी अपनी ड्यूटी के तहत काम कर रहे थे।

ज्ञातव्य है कि 15 जून 2004 को अहमदाबाद में गुजरात पुलिस ने मुंबई निवासी कॉलेज छात्रा इशरत जहां (19), उसके पुरुष मित्र प्रणयेश पिल्लई उर्फ जावेद शेख और 2 अन्य कथित पाकिस्तानी युवकों को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस का कहना था कि ये सभी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के इरादे से आए थे। बाद में केंद्र की तत्कालीन संप्रग सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपा था और उसने इसे फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए उक्त तीनों समेत गुजरात पुलिस के 7 पुलिस अधिकारियों/कर्मियों को आरोपी बनाया था और उन्हें गिरफ्तार भी किया था। इनमे से दो पूर्व आईपीएस डीजी बंजारा और पुलिस अधिकारी एन के अमीन को सीबीआई कोर्ट ने मई 2019 में आरोपमुक्त किया था।

आज आरोपमुक्त किए गए तीन के साथ ही अगस्त 2019 में आरोपमुक्ति की अर्जी देने वाले एक अन्य पुलिस अधिकारी के जी परमार की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो चुकी थी। उससे पहले इस मामले के एक अन्य आरोपी पुलिस अधिकारी और पूर्व डीजीपी पी पी पांडेय को सीबीआई कोर्ट ने फरवरी 2018 में आरोपमुक्त कर दिया था। गुजरात सरकार ने सीबीआई को इन सातों पर अभियोजन की अनुमति नहीं दी थी और इसी कारण से कोर्ट को आगे की सुनवाई को रद्द करते हुए उनके खिलाफ आरोप समाप्त करने पड़े।

Post Comment

Comment List

Latest News

अभिव्यक्ति और संवाद के संतुलन पर पनपता है लोकतंत्र : धनखड़ अभिव्यक्ति और संवाद के संतुलन पर पनपता है लोकतंत्र : धनखड़
स्व-लेखा परीक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए धनखड़ ने कहा कि सेल्फ ऑडिट बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री की सभा को ऐतिहासिक बनाने में जुटी भाजपा, राजेंद्र राठौड़ ने कहा, हर भाजपा कार्यकर्ता सभा में होगा शामिल
झारखंड : हाइवे पर जाम की वजह से भीषण हादसा, खड़े ट्रेलर में घुसी कार, 5 लोगों की मौत, 3 घायल
दोस्तों ने पार्टी करने के लिए बुलाया, फिर किया आग के हवाले, अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत 
सोना और चांदी 600 रुपए सस्ता 
पंजाब ग्रेनेड हमले के 3 आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद
''100 सालों से आगे कैसे जिएं'' विषय पर नीर बारज़िलाई ने दिया व्याख्यान