इंडस्ट्रियल एरिया में खड़ी हो गई आवासीय हॉस्टल की मंडी

निर्माण होने के बाद अधिकारियों ने भूखंड निरस्त कर की इतिश्री

इंडस्ट्रियल एरिया में खड़ी हो गई आवासीय हॉस्टल की मंडी

इंडस्ट्रीयल एरिया में रीको द्वारा सिर्फ उद्योग लगाने के लिए भूख़ड आवंटित किए गए लेकिन नए उद्योग लगाने की जगह कुछ लोगों ने वहां आवासीय हॉस्टल बना लिए।

कोटा। वैसे तो रीको का इंडस्ट्रीयल एरिया उद्योग लगाने के लिए है। वहां सिर्फ व्यवसायिक गतिविधियां ही हो सकती है। लेकिन हकीकत में उस क्षेत्र में उद्योगों के नाम पर आवासीय हॉस्टल खड़े हो गए हैं। अवैध रूप से संचालित हो रहे इन हॉस्टलों में हजारों बच्चों का जीवन खतरे में डाला जा रहा है। रीको के अधिकारियों ने भी ऐसे हॉस्टलों के भूखंड निरस्त कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्रीे कर ली है। शिक्षा नगरी कोटा में जहां हर साल करीब दो  लाख से अधिक विद्यार्थी देशभर से यहां आकर मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनके रहने के लिए बहुमंजिला हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। ये हॉस्टल नए कोटा शहर के अलावा नदी पार लैंड मार्क सिटी और बारां रोड पर कोरल पार्क तक में बने हुए हैं। लेकिन हालत यह है कि हॉस्टलों का निर्माण ऐसी खतरनाक जगह पर भी हो गया है जहां सिर्फ उद्योग लगाए जा सकते हैं। वह भी शहर के बीच और अधिकारियों की नाक के नीचे।  झालावाड़ रोड स्थित रीको इंडस्ट्रील एरिया में जहां कैमिकल फैक्ट्री जैसे उद्योग लगे हुए हैं। जहां कभी भी किसी तरह की कोई घटना हो सकती है। उस क्षेत्र में रीको द्वारा सिर्फ उद्योग लगाने के लिए भूख़ड आवंटित किए गए। लेकिन नए उद्योग लगाने की जगह कुछ लोगों ने वहां आवासीय हॉस्टल बना लिए। वह भी एक दो नहीं बड़ी संख्या में हॉस्टलों की बाढ़ सी आई हुई है। 

हॉस्टल बनते समय नहीं दिया ध्यान
रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में उद्योगों के आस-पास ही थोड़ी-थोड़ी दूरी पर हॉस्टल बने हुए हैं। वह भी एक दो मंजिला नहीं बहुमंजिला हैं। उन हॉस्टलों को बनने में महीनों का समय लगा होगा। लेकिन उस समय रीको के अधिकारियों ने उस पर ध्यान ही नहीं दिया। नतीजा एक के बाद एक लगातार वहां कई हॉस्टल बनते गए।  हॉस्टलों की बाढ़ सी आ गई। हॉस्टल बनने के बाद अधिकारियों की नींद खुली। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जिससे रीको की कार्रवाई का किसी पर कोई असर नहीं हुआ। हॉस्टल अभी भी अपनी जगह पर हैं। जहां हजारों बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर उन हॉस्टलों में रह रहे हैं।

पहले हो चुके कई हादसे
रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में जहां कई कैमिकल के उद्योग लगे हुए हैं। वहां गैसों का काम होता है। उस क्षेत्र में पूर्व में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ समय पहले एक कैमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी। आग से कैमिकल के कारण दूर-दृूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। उद्योगपतियों से लेकर जिला प्रशासन तक में हडकम्प मच गया था। हालांकि उस फैक्ट्री के नजदीक कोई हॉस्टल नहीं था। लेकिन उस क्षेत्र में कई हॉस्टल बने हुए हैं। जिससे गैस का रिसाव होने से उस क्षेत्र में परेशानी हो गई थी। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले उसी क्षेत्र में एक स्क्ै प की फैक्ट्री में गैस रिसाव होने की घटना हुई थी। उस फैक्ट्री के परिसर में ही हॉस्टल बना हुआ था। जिससे गैस के कारण कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई थी। जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा था। उस समय भी यह मामला आया था कि इस क्षेत्र में हॉस्टल बनाना गलत है। लेकिन उसके बाद भी न तो किसी हॉस्टल संचालक पर कार्रवाई हुई और न ही हॉस्टल बनना रूके। इन घटनाओं के बाद भी रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में हॉस्टलों का अम्बार है। जहां हजारों बच्चों का जीवन खतरे में है। 

अग्निशमन विभाग ने भी हॉस्टलों पर नहीं की कार्रवाई
रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में अधिकारियों की अनदेखी से बहुमंजिला हॉस्टल तो बन गए। लेकिन अवैध रूप से बने इन हॉस्टलों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। वहां आग से सुरक्षा के इंतजाम हैं या नहीं। इस बारे में निगम के अग्निशमन विभाग ने भी कोई कार्रवाई नहीं की है। जिससे हॉस्टल मालिक व संचालकों के हौंसले बुलंद है। उन्हें किसी का डर नहीं है जबकि वे बच्चों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं।

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इलेक्ट्रोनिक कॉम्पलेक्स में भी अवैध हॉस्टल
इतना ही नहीं डकनिया रेलवे स्टेशन रोड स्थित इलेक्ट्रोनिक कॉम्पलेक्स एरिया भी उद्योगों के लिए है। लेकिन वहां भी होटल व उद्योग के नाम पर बहुमंजिला हॉस्टलों का निर्माण हो चुका है। अवैध रूप से बने इन हॉस्टलों पर न तो कोई कार्रवाई हो रही है और न ही रीको के अधिकारियों पर।  

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इंडस्ट्रीयल एरिया में हॉस्टल बनाना गलत
विज्ञान नगर निवासी अजय यादव का कहना है कि रीको इंडस्ट्रीयल एरिया उद्योग लगाने के लिए है। वहां कई तरह के उद्योग लगे हुए भी हैं। ऐसे में उन एरिया में हॉस्टल बनाना गलत है। फैक्ट्रियों में कभी भी कोई  घटना होने पर बच्चों के जीवन पर खतरा हो सकता है।  तलवंडी निवासी संजय जैन का कहना है कि इंडस्ट्रीयल एरिया में सिर्फ इंडस्ट्री लगाई जानी चाहिए। वहां हॉस्टल बने हैं तो गलत है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बाहर से आने वाले बच्चे कोटा वालों के भरोसे हैं। ऐसे में वहां यदि उनके साथ कोई घटना होती है तो कोटा की बदनामी होगी। 

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इनका कहना है
रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में कुछ पार्ट व्यवसायिक गतिविधियों के लिए दिया हुआ है। जहां कोचिंग संस्थान बने हुए हैं। पेट्रोल पम्प भी खोले गए हैं। ऐसे में उस क्षेत्र में हॉस्टल निर्माण की मांग की जा रही है। यदि बिना अनुमति के हॉस्टल बने हैं तो वह गलत है। 
- अशोक माहेश्वरी, महासचिव कोटा व्यापार महासंघ    

रीको इंडस्ट्रीयल व इलेकट्रोनिक कॉम्पलेक्स में बड़ी संख्या में अवैध ॅरूप से हॉस्टल बनाना गलत है। वहां आग से सुरक्षा के मापदंड अपनाए जा रहे हैं या नहीं इस संबंध में अग्निशमन विभाग ने पूृर्व में नोटिस देने की कार्रवाई की होगी। लेकिन अब वहां दोबारा से हॉस्टलों की जांच की जाएगी। यदि फायर उपकरण लगे हुए नहीं हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  
- राकेश व्यास, सीएफओ नगर निगम कोटा दक्षिण

रीको इंडस्ट्रेयल एरिया में हॉस्टल बनाना गलत है। यहां सिर्फ उद्योग ही लगाए जा सकते हैं। इस क्षेत्र में हॉस्टल बनने पर पहले उन्हें नोटिस दिए गए। बिना अनुमति बने हॉस्टल सभी अवैध हैं। नोटिस के बाद  हॉस्टल वाले 53 भूखंडों को निरस्त कर दिया गया है। जिससे ये सभी अवैध हो गए। भूखंड निरस्त होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। क्योंकि अधिकतर हॉस्टल संचालक अदालत में चले गए। 
- एम.के. शर्मा, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको 

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