माखनलाल विवि और एचजेयू में समझौता, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में कौशल बढ़ाने पर राज़ी 

माखनलाल विवि और एचजेयू में समझौता, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में कौशल बढ़ाने पर राज़ी 
सार्वजनिक क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थान हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय एवं देश के पहले माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को संयुक्त रूप से बढ़ाने के लिए एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

जयपुर। सार्वजनिक क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थान हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय एवं देश के पहले माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय ने बुधवार को शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को संयुक्त रूप से बढ़ाने के लिए एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस संबंध में यहां शिक्षा संकुल में हरिदेव जोशी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. सुधि राजीव और माखनलाल विश्वविद्यालय के समकक्ष प्रोफेसर डॉ. केजी सुरेश के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर एचजेयू की कुलपति प्रोफेसर सुधी राजीव ने कहा, "तकनीकी-संचालित युग में मीडिया के सामने सबसे बड़ा कार्य लोकतंत्र, तर्क और स्वतंत्रता को मजबूत करने का प्रयास है।"

उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय बुनियादी मूल्यों को बनाए रखने के लिए सहयोग कर रहे हैं और इस संबंध में प्रशिक्षण आयोजित करेंगे।
एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद प्रोफेसर सुरेश ने कहा, "यह मीडिया शिक्षा में एक मील का पत्थर है। हम साथ मिलकर न केवल दो संस्थानों के लिए बल्कि पूरे भारत में मीडिया शिक्षा के लिए नए मानक स्थापित करेंगे।"

एमओयू के अनुसार, दोनों पक्ष सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए कि आपसी हितों के क्षेत्र में शिक्षण और अनुसंधान में उनकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी के आदान-प्रदान में सहयोग करेंगे। वे कौशल शिक्षा और सामान्य शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम विकास में सहयोग करने पर सहमत हुए हैं। सुविधाओं तक एक दूसरे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की पहुंच, समान शैक्षणिक उद्देश्य और लघु पाठ्यक्रम संचालित करने पर दोनों राजी हुए। संयुक्त शिक्षण, अनुसंधान और सांस्कृतिक गतिविधियाँ चलाने पर भी सहमति बनी है।

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एमओयू ने संस्थानों के बीच संकाय, विद्वानों और छात्रों की गतिशीलता को सुविधाजनक बनाने की बात कही है। साथ ही स्टाफ के व्यावसायिक विकास के लिए संयुक्त प्रयास होंगे।
 
शैक्षिक सामग्री एवं संसाधनों के आदान-प्रदान अथवा निर्माण के प्रयास भी किए जायेंगे। सेमिनार एवं शैक्षणिक बैठकों में भागीदारी के प्रयास पर भी दोनों पक्षों में सहमति बनी। इस अवसर पर विश्विद्यालय के शैक्षणिक और अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

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