कृषि विभाग और आईओआरए ईकोलोजिकल सोल्यूशन के मध्य कार्बन क्रेडिट को लेकर हुई सहमति, पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ

कृषकों को कार्बन फाइनेंस प्राप्त हो सकता है

कृषि विभाग और आईओआरए ईकोलोजिकल सोल्यूशन के मध्य कार्बन क्रेडिट को लेकर हुई सहमति, पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ

राजस्थान में एग्रीकल्चरल लैंड मैनेजमेंट कार्बन प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए कृषि विभाग और आईओआरए ईकोलोजिकल सोल्यूशन के बीच सहमति। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि बानसुर, महुवा और मालपुरा ब्लॉकों में पायलट प्रोजेक्ट लागू।

जयपुर। कृषि विभाग और मैसर्स आईओआरए ईकोलोजिकल सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के मध्य राजस्थान में एग्रीकल्चरल लैंड मैनेजमेंट कार्बन प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए सहमति हुई। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की पहल पर इस प्रकार की गतिविधि अपनाने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की ओर से कार्बन उत्सर्जन घटाने वाली गतिविधियां जैसे पौधारोपण, सुक्ष्म सिंचाई, फार्म पौण्ड और सोलर पम्प की जाती है। इन गतिविधियों से कृषकों को कार्बन फाइनेंस प्राप्त हो सकता है। राजस्थान के किसानों को इन गतिविधियों पर कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम 2023 के तहत सुगमता से कार्बन फाइनेंस उपलब्ध करवाने हेतु राज्य के चयनित ब्लॉकों में कार्बन क्रेडिट को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। इनमें कोटपुतली-बहरोड़ का बानसुर ब्लॉक, दौसा का महुवा और टोंक का मालपुरा ब्लॉक शामिल है। इसे प्रदेश के तीन ब्लॉकों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है, जिसे जल्द ही पूरे राज्य में लागू किया जायेगा। जिससे कृषकों की आय में वृद्धि होगी।

उक्त परियोजना तहत किसानों की ओर से समुचित उवर्रक प्रबन्धन, सिंचाई में दक्षता, मृदा कार्बन संर्वधन, फसल अवशेष प्रबन्धन, वृक्षारोपण, चक्रीय पशु चराई जैसी गतिविधियां अपनाये जाने पर उनको कार्बन उत्सर्जन कमी के आधार पर प्रति हेक्टेयर निर्धारित राशि देय होगी।

कार्बन क्रेडिट प्रणाली जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए बनाया गया एक आर्थिक और पर्यावरणीय तंत्र है। इसका उद्देश्य वातावरण में ग्रीन हाउस गैसों विशेष रूप से कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को नियंत्रित करना और कम करना है। दुनिया भर में औद्योगिकीकरण, परिवहन और ऊर्जा उत्पादन के कारण बड़ी मात्रा में कार्बन डाईआक्साइड वातावरण में उत्सर्जित होती है। यह गैस ग्लोबल वार्मिग और जलवायु परिवर्तन का एक प्रमुख कारण है।

इसी समस्या के समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्बन क्रेडिट प्रणाली शुरू की गई है। इसके तहत् कम्पनियों और देशों को एक निश्चित सीमा तक कार्बन उत्सर्जन की अनुमति दी जाती है। यदि कोई संस्था निर्धारित सीमा से कम उत्सर्जन करती है तो उसे कार्बन क्रेडिट मिलते हैं जिन्हें वह अन्य कम्पनियों को बेच सकती है।

Read More मुख्यमंत्री की एलपीजी आपूर्ति को लेकर बैठक : पाइप लाइन बिछाने संबंधी स्वीकृतियां 24 घंटे में हो जारी, कहा-

 

Read More मदन राठौड़ का भाजपा मुख्यालय में कांग्रेस पर हमला : टुकड़ों में बंटी पार्टी के पास मुद्दे नहीं, कहा- गहलोत और डोटासरा दे रहे विरोधाभासी बयान

Post Comment

Comment List

Latest News

कृषि नीतियों के कारण किसान, व्यापारी और मजदूर परेशान : सैलजा ने सरकार पर लगाया छोटे व्यापारी और आढ़ती के कमजोर होने का आरोप, कहा- किसानों पर बढ़ाया जा रहा नियमों का बोझ कृषि नीतियों के कारण किसान, व्यापारी और मजदूर परेशान : सैलजा ने सरकार पर लगाया छोटे व्यापारी और आढ़ती के कमजोर होने का आरोप, कहा- किसानों पर बढ़ाया जा रहा नियमों का बोझ
चंडीगढ़ में पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने घरौंडा अनाज मंडी का दौरा कर किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों की समस्याएं सुनीं।...
सड़क पर टूटे पेड़ से टकराई कार : पलटने से 2 लोगों की मौके पर ही मौत, अन्य 3 लोग घायल
3डी प्रिंटिंग तकनीक से जटिल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी : सामान्य सर्जरी से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण था केस, अपनी जगह से खिसक गया था कृत्रिम कप
जयपुर सर्राफा बाजार में कोई उतार चढ़ाव नहीं : सोना और चांदी की कीमतें यथावत, जानें क्या है भाव
कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार को घेरा : जमीनी स्तर की आवाजों की अनदेखी करने का लगाया आरोप, जयराम ने कहा- आदिवासी सुमदायों पर पड़ सकता है बुरा असर
वाहन चोरों का तांडव : अस्पताल से बस स्टैंड तक चोरी ही चोरी, शहर में दहशत
रिपोर्ट में खुलासा : ईरान युद्ध में अब तक 365 अमेरिकी जवान घायल, 13 सैनिकों की मौत