किसानों को कंटीले तारों से रोकने की बजाय उनसे बात करें मोदी : कांग्रेस

कांग्रेस ने किसानों की मांग का समर्थन किया

किसानों को कंटीले तारों से रोकने की बजाय उनसे बात करें मोदी : कांग्रेस

खरगे ने कहा कि दिल्ली की सत्ता में बैठे क्रूर और अहंकारी सत्ताधारियों से हमारे सवाल-क्या देश के अन्नदाता न्याय मांगने दिल्ली नहीं आ सकते।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे किसानों को सड़क पर किलेबंदी कर और कंटीले तार लगाकर रोकने की बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों से मिलकर उनकी बात सुननी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली आ रहे  किसानों को बंदूक की बल पर और तानाशाही करके रोका नहीं जाना चाहिए बल्कि उनकी मांगों पर विचार किया जाना चाहिए और खुद मोदी को उनसे बात करनी चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा ''कंटीले तार, ड्रोन से आंसू गैस, कीलें और बंदूकें सबका है इंतजाम, तानाशाही मोदी सरकार ने किसानों की आवाज पर जो लगानी है लगाम। याद है ना आंदोलनजीवी व परजीवी कहकर किया था बदनाम और 750 किसानों की ली थी जान। दस सालों में मोदी सरकार ने देश के अन्नदाताओं से किए गए अपने तीन वादे तोड़े हैं — 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी, स्वामीनाथन रिपोर्ट के मुताबिक़ इनपुट कॉस्ट के साथ 50 प्रतिशत एमएसपी लागू करना और एमएसपी को क़ानूनी दर्जा देना।"

इस बीच कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब भी इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल को किसानों के खिलाफ क्रूरता, बर्बरता, दमन और दंशकाल के रूप में जाना जाएगा। किसानों की आवाज को दबाने के लिए भाजपा सरकार ने देश की राजधानी दिल्ली को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है, जैसे किसी दुश्मन ने दिल्ली की सत्ता पर हमला बोल दिया हो। दिल्ली के चारों तरफ, खासतौर से हरियाणा और दिल्ली बॉर्डर पर मंजर क्या है।

उन्होंने किसानों को रुक जाने को लेकर सरकार से सवाल किया और कहा ''दिल्ली की सत्ता में बैठे क्रूर और अहंकारी सत्ताधारियों से हमारे सवाल-क्या देश के अन्नदाता न्याय मांगने दिल्ली नहीं आ सकते। क्या सरकार मानती है कि किसान दिल्ली की सत्ता पर कब्जा करना चाहते हैं। देश के अन्नदाता प्रधानमंत्री और देश की सरकार से न्याय न मांगे, तो कहां जाएं। जब किसान आंदोलन पूरी तरह शांतिप्रिय है तो फिर किसान की राह में कीलें और कंटीली तारें क्यों। मोदी सरकार ने 18 जुलाई, 2022 को तीन काले कानून वापस लेने के बाद किसानों से एमएसपी के लिए कानून बनाने का वादा किया था। किसान मोदी सरकार से इस वादे की गारंटी क्यों न मांगे। क्या सरकार को देश की मिट्टी का दर्द और आत्महत्या करते अन्नदाताओं की वेदना सुनाई नहीं देती।"

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कांग्रेस नेता ने कहा ''कांग्रेस किसानों के न्याय की मांग का समर्थन करती है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे और राहुल गांधी जी भी किसान न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री जी खुद किसानों से बात करें और उन्हें न्याय दें।"

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