असर खबर का - निगम में अलग से बनेगा एनिमल डिपार्टमेन्ट

सभी मवेशियों की समस्या का एक ही जगह पर होगा निदान

असर खबर का - निगम में अलग से बनेगा एनिमल डिपार्टमेन्ट

दैनिक नवज्योति की खबर पर महापौर ने बोर्ड में रखा था प्रस्ताव।

कोटा। शहर में सभी तरह के मवेशियों की समस्या का अब नगर निगम में एक ही जगह पर निदान हो सकेगा। इसके लिए नगर निगम कोटा उत्तर में अलग से एनिमल  डिपार्टमेन्ट बनाया जाएगा। दैनिक नवज्योति के इस सुझाव पर महापौर ने बोर्ड की बैठक में एनिमल अनुभाग बनाने का प्रस्ताव रखा था। जिसे सभी पार्षदों ने सर्व सम्पति से पारित भी कर दिया है। नगर निगम कोटा उत्तर की हाल ही में बजट बोर्ड बैठक हुई थी। उस बैठक के एजेंडे के साथ ही महापौर मंजू मेहरा ने एक प्रस्ताव रखा। जिसमें कहा कि शहर में लावारिस मवेशियों के साथ ही  श्वान, बंदर, सूअर व अन्य जानवरों की भी समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ रहा है।  आमजन इन समस्याओं के लिए पार्षदों को फोन करते हैं। पार्षद गायों के लिए गौशाला में, श्वानों व बंदरों के लिए जन स्वास्थ्य अनुभाग में फोन करते हैं। अनुभाग वाले संबंधित जानवर को पकड़ने वाले संवेदक को बताते हैं। उसके बाद उस समस्या के समाधान में काफी समय लगता है। जिसके लिए लोगों का आक्रोष पार्षदों व नगर निगम के कामकाज के प्रति होता है।  महापौर ने प्रस्ताव रखा कि क्यों न मवेशियों से संबंधित सभी समस्याओं का एक ही जगह पर समाधान हो सके। इसके लिए अलग से एनिमल अनुभाग गठित कर दिया जाए। 

कर्मचारी होंगे नियुक्त, तुरंत होगा समाधान
महापौर ने बोर्ड बैठक में कहा कि जिस तरह से जन स्वास्थ्य अनुभाग है। निर्माण अनुभाग है।  अतिक्रमण का अनुभाग है। फायर का अनुभाग है। उसी तरह से एक एनिमल अनुभाग बनाया जाएगा। जिसमें कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया जाएगा। सभी जानवरों से संबंधित समस्याओं के लिए उसी अनुभाग में फोन किया जाए। जिससे वहां के कर्मचारी उस समस्या का तुरंत समाधान कर सकेंगे। ऐसे में समय भी कम लगेगा और समाधान भी शीघ्र होगा। 

पक्ष-विपक्ष ने किया समर्थन
महापौर मंजू मेहरा ने बताया कि उन्होंने जब बोर्ड बैठक में अलग से एनिमल अनुभाग बनाने का प्रस्ताव रखा। उस प्रस्ताव को सत्ता पक्ष व विपक्ष के सभी 70 पार्षदों ने मेज थपथपाकर  उसका समर्थन करते हुए सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया। 

आगे की प्रक्रिया होगी शुरु
महापौर ने बताया कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित हो गया है। अब  बैठक की प्रोसीडिंग जारी होने के बाद उसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए अलग से कमरा व कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। जिससे आमजन को भी राहत मिल सकेगी। जिस तरह से अतिक्रमण की समस्या के लिए अतिक्रमण अनुभाग है वहां शिकायत करने पर उससे संबंधित कर्मचारी उसका समाधान करते हैं। लेकिन एनिमल के लिए अलग से कर्मचारी नहीं होने से गौशाला व जन स्वास्थ्य अनुभाग ही यह काम देख रहा है। मवेशियों को पकड़ने का काम संवेदक कर रहे हैं। 

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निगम का सराहनीय प्रयास
शहर में आवारा मवेशी हो या श्वानों का बढ़ता आतंक। बंदरों के उत्पात का मामला हो या सूअरों की समस्या। निगम इनका स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा है। संवेदकों के भरोसे काम होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिसका आक्रोश पार्षदों को सहना पड़ रहा है। जानवरों से संबंधित समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए निगम में अलग से एनिमल अनुभाग बनाया जाना सराहनीय प्रयास है। ऐसा जितना जल्दी हो सके करना चाहिए। 
- लव शर्मा, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम कोटा उत्तर 

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नवज्योति ने किया था समाचार का प्रकाशन
शहर में आवारा मवेशियों से लेकर बंदरों के आतंक, श्वानों के काटने और सूअरों व सांप समेत अन्य मवेशियों से संबंधित समस्याओं से आमजन को जूझना पड़ रहा है। लेकिन नगर निगम उसका स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा है।  ऐसे में दैनिक नवज्योति ने 21 जनवरी को पेज दो पर‘ फायर की तर्ज पर निगम में अलग से हो एनिमल विभाग,तभी होगा स्थायी समाधान’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें   यही सुझाव दिया गया था कि निगम में सभी तरह के मवेशियों के लिए अलग से एनिमल विभाग बने। उसमें कर्मचारियों को नियुक्ति हो जो केवल इनसे संबंधित ही काम करें। ऐसे में कर्मचारियों को भी उनके काम की जानकारी होगी और लोगों को भी अलग-अलग जगह पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। दोनों निगमों के नेता प्रतिपक्ष, आमजन व महापौर ने भी उस सुझाव का समर्थन किया था।  नवज्योति द्वारा दिए गए सुझाव पर नगर निगम कोटा उत्तर की महापौर ने गम्भीरता से लेते हुए उसे लागू करने के लिए प्रस्ताव बनाया। जिसे बोर्ड बैठक में पारित भी कराया। अब उस प्रस्ताव को अमली जामा पहनाया जाएगा। 

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नगर निगम कोटा उत्तर में फायर, जन स्वास्थ्य, निर्माण व अतिक्रमण की तरह ही अब एनिमल अनुभाग अलग से बनाने की योजना है। इसका प्रस्ताव हाल ही बोर्ड बैठक में रखा था। शहर की बड़ी समस्या के समाधान में सभी पार्षदों ने सहयोग देते हुए उस प्रस्ताव का किसी ने भी विरोध नहीं किया। सर्व सम्मति से प्रस्ताव को पारित कर दिया। अब उसकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए अलग से कमरा और कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। 
- मंजू मेहरा, महापौर नगर निगम कोटा उत्तर 

इनका कहना है
शहर के मेन रोड ही नहीं अंदरूनी इलाकों विशेष रूप से पुराने शहर के परकोटा में भी मवेशियों की समस्या काफी अधिक है। फिर चाहे गाय हो या सांड, बंदर हो या श्वान। इनके समाधान के लिए निगम द्वारा अलग से अनुभाग बनाया जाना अच्छा प्रयास है। ऐसा होने से जानवरों से संबंधित मामलों की शिकायत व मॉनिटरिंग निगम के स्तर पर होगी तो लोगों को राहत मिल सकेगी। 
- अनवार अहमद, पाटनपोल

मवेशियों की समस्या शहर की सबसे बड़ी समलसया है। निगम को इनका स्थायी समाधान करना ही चाहिए। इसके लिए निगम में अलग से विभाग बनाया जाना जरूरी है। यदि ऐसा हो रहा है तो बहुत अच्छा है। 
- रमेश लोधा, नयापुरा

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