बॉम्बे हाई कोर्ट की FDA को फटकार, सरकारी कैंटीनों और मंत्रियों के प्रतिष्ठानों की जांच के आदेश

स्कूलों में जंक फूड पर FDA की सख्ती

बॉम्बे हाई कोर्ट की FDA को फटकार, सरकारी कैंटीनों और मंत्रियों के प्रतिष्ठानों की जांच के आदेश
बॉम्बे हाई कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा मामलों में समान कार्रवाई पर जोर देते हुए सरकारी और अर्धसरकारी भोजनालयों की भी जांच कराने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि निरीक्षण निष्पक्ष और एकसमान होना चाहिए। साथ ही कार्रवाई करते समय स्वच्छता मानकों के साथ कर्मचारियों के रोजगार पर प्रभाव का भी ध्यान रखने की बात कही।

मुंबई। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए जांच के दायरे को केवल निजी प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रखने का निर्देश दिया है। नवी मुंबई के एक पांच सितारा होटल का फूड लाइसेंस रद्द किए जाने के मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि क्या सरकारी संस्थानों और मंत्रियों से जुड़े प्रतिष्ठानों की भी इसी तरह जांच की जाती है। कोर्ट ने मंत्रालय, सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों की कैंटीनों, हाई कोर्ट परिसर और अन्य सरकारी भोजनालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। 

अदालत ने यह भी कहा कि एक-दो कॉकरोच मिलने मात्र से किसी होटल का लाइसेंस रद्द करना उचित नहीं माना जा सकता। सुनवाई में सामने आया कि संबंधित होटल में 95 प्रतिशत स्वच्छता पाई गई थी, जबकि निर्धारित मानक 79 प्रतिशत है। कोर्ट ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव का भी ध्यान रखने की बात कही। वहीं, महाराष्ट्र FDA ने स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर भी सख्ती बढ़ाते हुए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

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