जयपुर पुलिस की शुरुआत : नशे पर डबल स्ट्राइक, तस्करों के साथ अब नशा करने वाले भी पुलिस के रडार पर
समझाइश और जागरुकता भी जारी
जयपुर। जयपुर नॉर्थ पुलिस अब केवल मादक पदाथोंर् की तस्करी करने वालों पर ही नहीं बल्कि नशा करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है। वर्ष 2026 में जनवरी 2026 से 29 जुलाई 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 161 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 88 मामले धारा 8/27 के तहत मादक पदार्थ का सेवन करने वालों के खिलाफ दर्ज हुए हैं। पुलिस का मानना है, कि इस दोहरी कार्रवाई से नशे की सप्लाई और डिमांड, दोनों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जयपुर नॉर्थ जिले में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत मादक पदार्थ का सेवन करने वालों के खिलाफ भी धारा 8/27 के तहत मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
समझाइश और जागरुकता भी जारी
नॉर्थ जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 161 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 88 मामलों में आरोपी नशे का सेवन करते पाए गए हैं। जिले में पकड़े गए लोगों को कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नशे के दुष्प्रभावों के बारे में समझाइश दी जा रही है तथा उनके परिजनों को उपचार और पुनर्वास के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जुलाई 2024 तक जिले में 105, जुलाई 2025 तक 110 जबकि 29 जुलाई 2026 तक 161 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं।
इन थानों में जारी है कार्रवाई
जयपुर नॉर्थ जिले में जयसिंहपुरा खोर, भट्टा बस्ती, शास्त्री नगर, सुभाष चौक और गलता गेट थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक कार्रवाई की गई है।
एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/27 क्या है?
जब किसी एफआईआर में धारा 8/27 एनडीपीएस एक्ट लगता है तो इसका मतलब है कि आरोपी पर धारा 8 (प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक) के उल्लंघन के साथ धारा 27 (नशीले पदार्थ के सेवन की सजा) लगाई गई है।
धारा 8
यह धारा बिना वैध अनुमति के किसी भी मादक पदार्थ के उत्पादन, निर्माण, खरीद-फरोख्त, परिवहन, उपयोग पर रोक लगाती है।
धारा 27
यह धारा नशीले पदार्थ के सेवन पर लगाई जाती है।
सजा का प्रावधान
यदि सेवन कोकीन, मॉर्फीन, हेरोइन का है तो 1 वर्ष तक का कठोर कारावास या 20 हजार रुपए तक का जुर्माना, या वदोनों।
यदि अन्य नशीले पदार्थ का सेवन है (जैसे कुछ अन्य मादक पदार्थ) का है तो 6 माह तक का कारावास व 10 हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों है।
यदि कोई नशे का आदी व्यक्तिस्वेच्छा से सरकारी-मान्यता प्राप्त नशामुक्ति केंद्र में उपचार कराता है तो कुछ परिस्थितियों में धारा 64ए के तहत अभियोजन से राहत मिल सकती है।
बेचने और सेवन करने वालों पर शिकंजा
जि ले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है लेकिन अब ऐसे व्यक्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है जो नशे का सेवन करते पाए जा रहे हैं। आमजन से अपील है कि मादक पदार्थ बेचने वाले और सेवन करने वालों के खिलाफ तुरंत पुलिस को सूचना दें।
करण शर्मा, पुलिस उपायुक्त उत्तर

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