जयपुर में प्लास्टिक नोटों का ट्रायल : आरबीआई का बड़ा कदम, मौसम के हिसाब से परखी जाएगी करेंसी की मजबूती
जनता के लिए स्पष्टीकरण : पुराने नोट रहेंगे मान्य
जयपुर। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश में जल्द ही प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट पेश करने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए राजस्थान की राजधानी जयपुर को भी चुना गया है । केंद्र सरकार ने हाल ही में ₹10 और ₹20 के लगभग 200 करोड़ प्लास्टिक नोटों के फील्ड ट्रायल (पायलट प्रोजेक्ट) को हरी झंडी दे दी है।
जयपुर को चुनने की मुख्य वजह :
आरबीआई ने देश की विविध जलवायु और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ट्रायल के लिए पांच शहरों का चयन किया है। इनमें जयपुर, कोच्चि, मैसूर, शिमला और भुवनेश्वर शामिल हैं। जयपुर के अत्यधिक गर्म और शुष्क मौसम में इन नोटों की सहनशीलता, टिकाऊपन और रंग की मजबूती को परखा जाएगा।
कब तक बाजार में आएंगे ये नोट ?
ग्लोबल टेंडर जारी : रिजर्व बैंक की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने प्लास्टिक शीट (पॉलीमर सबस्ट्रेट) की सप्लाई के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदाएं (ग्लोबल टेंडर) आमंत्रित की हैं, जिसकी अंतिम तिथि 18 अगस्त 2026 तय की गई है।
संभावित शुरुआत : टेंडर प्रक्रिया और छपाई पूरी होने के बाद, साल 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक जयपुर के चुनिंदा बैंकों और एटीएम के जरिए ये नोट आम जनता के हाथों में पहुंच सकते हैं।
कागजी नोटों से कितने अलग होंगे ?
पॉलिमर नोट दिखने में चमकदार और छूने में थोड़े से प्लास्टिक जैसे होंगे। ये पानी में भीगने पर खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं हैं। वर्तमान कागजी नोटों की तुलना में इनकी उम्र लगभग ढाई से तीन गुना अधिक होती है।
जनता के लिए स्पष्टीकरण : पुराने नोट रहेंगे मान्य
सरकार और आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्रायोगिक (ट्रायल) प्रोजेक्ट है । बाजार में पहले से चल रहे ₹10 और ₹20 के कागजी नोट पूरी तरह वैध रहेंगे। प्लास्टिक नोट आने के बाद भी दोनों तरह की करेंसी बाजार में एक साथ चलन में रहेगी।

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