सवा करोड़ खर्च, फिर भी अधर झूल में तैर रहा स्विमिंग पूल
सात साल बाद भी शुरू नहीं हुई सुविधा
कोटा। पुलिस लाइन में जवानों और उनके परिवारों के लिए वर्ष 2019 में शुरू की गई आधुनिक स्विमिंग पूल परियोजना करीब सात वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। इस परियोजना पर अब तक लगभग सवा करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन सुविधा आज भी उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परियोजना के तहत 40 फीट चौड़ा और 82 फीट लंबा स्विमिंग पूल, चेंजिंग रूम, शॉवर रूम, टॉयलेट, बाउंड्री वॉल, सीसी रोड और फिल्ट्रेशन प्लांट का निर्माण कराया गया। बावजूद इसके पूल का संचालन शुरू नहीं हो सका। सबसे बड़ी आपत्ति इसकी गहराई को लेकर है। पूल की गहराई 5 से 8 फीट रखी गई है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार प्रशिक्षण के लिए शुरुआती हिस्सा कम गहराई वाला होना चाहिए, ताकि बच्चे और नए तैराक सुरक्षित अभ्यास कर सकें।
पूर्व एसपी ने भी जताई थी आशंका
राष्ट्रीय स्तर के तैराक प्रमोद यादव का कहना है कि प्रशिक्षण आधारित स्विमिंग पूल की गहराई सामान्यतः साढ़े तीन फीट से शुरू होकर छह फीट तक होनी चाहिए। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन ने भी अधिकारियों को पूल में कम गहराई वाला भाग बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन उनके तबादले के बाद मामला आगे नहीं बढ़ा।
जवानों को सुविधा का इंतजार
कोटा विकास प्राधिकरण के निदेशक अभियांत्रिकी रविंद्र माथूर ने बताया कि पहले चरण में 77 लाख रुपए और दूसरे चरण में करीब 50 लाख रुपए की राशि से निर्माण कार्य कराया गया। हालांकि सवाल यह बना हुआ है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जवानों और उनके परिवारों को अब तक इस सुविधा का लाभ क्यों नहीं मिल पाया। वहीं पुलिस लाइन में रहने वाले जवानों का कहना है कि नई बैरकों की अधिक आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान बैरकें जर्जर हो चुकी हैं।
इनका कहना है
पुलिस जवानों व उनके परिजनों के लिए करीब एक डेढ़ साल पूर्व पुलिस लाइन में स्विमिंग पूल का निर्माण कराया गया था, लेेकिन टक्निकल कमी के कारण शुरु नहीं किया जा सका है। स्विमिंग पूल एक तरफ गहरा ज्यादा है, जिससे छोटे बच्चों के स्नान करने में मुश्किल हाेगी तथा जानमाल की दृष्टि से भी उचित नहीं है। हमने नगर निगम को भी अबगत करवा दिया है। इस बारे में नगर निगम या फिर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बता पाएंगे।
- तेजस्विनी गौतम, कोटा सिटी एसपी

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