बकाया भुगतान नहीं करने पर डेयरी संघ करेगा आंदोलन, दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की चेतावनी
23 अगस्त को अजमेर में जुटेंगे दुग्ध उत्पादक
जयपुर। प्रदेश के जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों के मुख्यमंत्री दूध उत्पादक संबल योजना एवं मिड डे मील योजना की बकाया चल रही करीब 600 करोड़ रुपए का जल्द भुगतान नहीं करने पर आंदोलन का ऐलान किया है। जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों ने 23 अगस्त को अजमेर में सरस सहकार महाकुंभ का ऐलान करने के साथ ही नई दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। दोनों मदों मे करीब 600 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया चल रहा है। राजधानी जयपुर में सोमवार को आयोजित जिला दुग्ध संघों के अध्यक्षों की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री दूध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपए प्रति लीटर की दर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि पिछले सात महीने से लंबित है। योजना के तहत राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 650 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान किया था। उन्होंने कहा कि सरकारी भुगतान समय पर नहीं मिलने के कारण जिला दुग्ध संघों को दूध खरीद, पशुपालकों के भुगतान और दैनिक संचालन के लिए बैंकों से ऋण लेना पड़ रहा है। इससे संघों पर अनावश्यक ब्याज का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
23 अगस्त को अजमेर में जुटेंगे दुग्ध उत्पादक : बैठक में आगामी 23 अगस्त को अजमेर में सरस सहकार महाकुंभ आयोजित करने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में प्रदेशभर के दुग्ध उत्पादक किसानों, ग्राम दुग्ध सहकारी समितियों, जिला दुग्ध संघों के प्रतिनिधियों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। महाकुंभ में लंबित अनुदान, मिड डे मील भुगतान, सहकारी डेयरी व्यवस्था की स्वायत्तता और प्रस्तावित बहुराज्यीय डेयरी ढांचे सहित विभिन्न मुद्दों पर आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
चौधरी ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर प्रदेश के दुग्ध उत्पादक दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही सहकारी संघों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा।

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