राहुल गांधी की कोटा रैली पर घमासान: कांग्रेस का आरोप- पोस्टर हटाने की कार्रवाई भाजपा सरकार की घबराहट का नतीजा
राहुल गांधी के कोटा दौरे से घबराई सरकार
नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कोटा कार्यक्रम से घबरा गयी है और प्रशासन के माध्यम से कार्यक्रम के पोस्टर हटवा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राजस्थान सरकार छात्रों की आवाज को दबाने के लिए सत्ता की पूरी ताकत झोंक रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोटा में राहुल गांधी के कार्यक्रम के पोस्टर लगाए जा रहे हैं तो पीछे प्रशासन के लोग आकर उनको हटवा रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में एक वीडियो भी दिखाया जिसमें राहुुल गांधी के कार्यक्रम संबंधी पोस्टरों को हटाया जा रहा है। उनका कहना था कि इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकार की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है।
रागिनी नायक ने कहा कि भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले, वह राहुल गांधी और छात्रों को नहीं रोक पाएगी। उन्होंने दावा किया कि छात्र और युवा स्वयं राहुल गांधी से मिलने आ रहे हैं और यही वजह है कि सरकार उनके कार्यक्रम से परेशान है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मोदी सरकार पहले से ही घबराती है और इसी का परिणाम है कि पहले भी इस सरकार ने राहुल गांधी को हाथरस, संभल, लखीमपुर खीरी, बिहार में अंबेडकर छात्रावास तथा मणिपुर हिंसा के पीड़ितों से मिलने से रोकने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन हर बार उसे मुंह की खानी पड़ी है। उनका कहना था कि जब भी सरकार ने राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की है, तब-तब उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय छात्र संघ और भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा पेपर लीक तथा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओएसएम परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ देशभर में 50 से अधिक प्रदर्शन किये गये, जिन पर सरकार ने पुलिस बल का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता के रूप में युवाओं की समस्याओं को उठाया और छात्र प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत कर उनकी चिंताओं को सुना।
रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पूरे मामले में चुप्पी साधे रखी, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा भी युवाओं के मुद्दों पर मौन रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री ने देश के युवाओं के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है।

Comment List