आजादी के 79 साल बाद भी नहीं मिली सड़क : हाथ में तिरंगा, आंखों में गुस्सा... सड़क के लिए बच्चों संग कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों का प्रदर्शन
गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती
हमीरपुर। आजादी के बाद से पक्की सड़क की राह देख रहे चंदूपुर गांव और आसपास के डेरों के ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बदहाल सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण बच्चों के साथ करीब पांच किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीण जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्या बताना चाहते थे, लेकिन डीएम के नहीं मिलने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि कुरारा विकासखंड के चंदूपुर गांव के बच्ची के डेरा से हमीरपुर तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क कच्ची है। बारिश के दौरान यह रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। इससे करीब 1600 की आबादी को आवागमन में परेशानी होती है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है, जबकि बीमार और गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय में जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने गेट बंद कर दिया। इसके बाद ग्रामीण मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर सड़क निर्माण की मांग उठाई। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट में पुलिस और पीएसी तैनात रही।
डीएम राकेश कुमार, एसडीएम अभिषेक कुमार और सीओ यशपाल सिंह ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा। दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीण वापस लौटे। इसके बाद प्रशासन ने फिलहाल सड़क पर डस्ट बिछाने का काम शुरू कराया, ताकि बारिश में आवागमन की समस्या कुछ कम हो सके।

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