एआई समिट में नन्हे कीनोट स्पीकर रणवीर ने खींचा सबका ध्यान, भारत के शाश्वत विचारों से एआई का भविष्य गढ़ने की बात कही
एआई समिट 2026: 8 साल के रणवीर सचदेवा ने जीता सबका दिल
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में 8 वर्षीय रणवीर सिंह सचदेवा ने सबसे कम उम्र के कीनोट स्पीकर बनकर इतिहास रचा। उन्होंने प्राचीन भारतीय दर्शन को आधुनिक एआई तकनीक और जीडीपी वृद्धि से जोड़ा।
नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक बेहद प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जब सबसे कम उम्र के मुख्य वक्ताओं में शामिल छात्र रणवीर सिंह सचदेवा ने अपने विचारों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। 2017 में जन्मे रणवीर ने अपने संबोधन में भारत की प्राचीन दार्शनिक परंपराओं और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बीच संबंध को समझाया और बताया कि भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होने वाली है।
अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में दे सकते हैं योगदान
समिट के दौरान बातचीत में रणवीर ने कहा कि उनकी प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि भारत के शाश्वत विचार आज की तकनीकी दुनिया को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे प्राचीन भारतीय दर्शन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और साथ ही यह भी बताया कि दुनिया के अलग-अलग देश अपने-अपने एआई मॉडल कैसे विकसित कर रहे हैं। रणवीर ने हाल ही में जारी एक भारतीय एआई मॉडल से जुड़ा एक व्यावहारिक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने समझाया कि इस तरह के नवाचार देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे सकते हैं। रणवीर ने कहा कि वे अपने उपयोग के उदाहरण के माध्यम से यह दिखा रहे हैं कि नई तकनीकें भारत की जीडीपी वृद्धि में किस तरह योगदान दे सकती हैं।
जेन-जेड और जेनरेशन अल्फा बदलाव के असली वाहक बनेंगे
तकनीक की तेजी से बदलती दुनिया का जिक्र करते हुए रणवीर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सबसे अधिक प्रभाव युवाओं पर पड़ेगा। मिलेनियल्स के साथ-साथ जेन-जेड और जेनरेशन अल्फा इस बदलाव के असली वाहक बनेंगे, क्योंकि ये पीढ़ियां डिजिटल माहौल में पली-बढ़ी हैं और नई तकनीकों को तेजी से अपनाने की क्षमता रखती हैं। रणवीर ने यह भी कहा कि आज डेवलपर्स, सरकारें और संस्थाएं जो निर्णय ले रही हैं, वही आने वाली पीढ़ियों के जीवन और काम करने के तरीके को तय करेंगे।
कौन हैं रणवीर सचदेवा?
रणवीर सचदेवा की उपलब्धियों की सूची उनकी उम्र को देखते हुए काफी प्रभावशाली है। 2017 में जन्मे रणवीर महज 8 साल के हैं, लेकिन इससे पहले भी वह कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह एआई फॉर गुड समिट में भी एक प्रमुख वक्ता रह चुके हैं, जहां उन्होंने इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के एंबेसेडर के रूप में भाग लिया था। इसके अलावा, सितंबर 2024 में, जब वह केवल 6 वर्ष के थे, उन्होंने यूएन मुख्यालय में जनरल असेंबली सत्र में भाग लेने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रतिभागी बनकर इतिहास रचा था। पिछले साल जुलाई 2025 में, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने भी उन्हें युवाओं और डेलीगेट्स के सामने अक और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बोलने के लिए आमंत्रित किया था।
रणवीर की प्रतिभा सिर्फ बोलने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी में भी उनकी गहरी पकड़ है। साल 2023 में, मात्र 5 साल की उम्र में, वह प्रोग्रामर बनने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने थे। उनकी इस असाधारण प्रतिभा को देखते हुए सीईओ टिम कुक ने खुद उन्हें 2023 में आयोजित वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए कैलिफोर्निया स्थित एप्पल मुख्यालय में आमंत्रित किया था। यह मुलाकात दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी थी।

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