शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान: जो सरकार गाय को राष्ट्रमाता नहीं मानती उसे सत्ता से हटाने की जरूरत, बोले- योगी आदित्यनाथ संत नहीं, राजनेता
गौ संरक्षण पर सरकार को घेरा
बहराइच। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को गौ संरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करते हुए कहा कि जो सरकार गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं देती, उसे बदलने की आवश्यकता है। शंकराचार्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संत नहीं बल्कि राजनेता मानते हैं। उनका तर्क था कि संत का धर्म सत्ता में रहकर वेतन लेना नहीं होता, जबकि मुख्यमंत्री एक संवैधानिक पद पर रहते हुए सरकार से वेतन प्राप्त करते हैं। इसलिए उन्हें संत की बजाय राजनेता के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल राजनीतिक नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सरकार को गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना कहा कि यदि कोई दल गाय के नाम पर राजनीति करता है, लेकिन उसे राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने में असफल रहता है, तो जनता को ऐसे दलों से चुनाव में जवाब मांगना चाहिए।
शंकराचार्य ने कहा कि उनकी गौ संरक्षण एवं जनजागरण यात्रा का उद्देश्य समाज में गौ संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना और सरकारों का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित करना है। इससे पूर्व पयागपुर पहुंचने पर नगर पंचायत अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव उर्फ़ विपिन के नेतृत्व में शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर बसंत सिंह, मलिक राम शर्मा, श्यामजी, इकौना के मसूद आलम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक एवं समर्थक उपस्थित रहे।

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