पंजाब सीमा पार नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल से जुड़ा संदिग्ध गिरफ्तार, पूछताछ जारी
पंजाब एसएसओसी ने नार्को-आतंकवाद फंडिंग मॉड्यूल का किया खुलासा
मोहाली में एसएसओसी ने सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर अंतर-राज्यीय और सीमा पार नार्को-आतंकवाद नेटवर्क के मुख्य वित्तीय लिंक का पर्दाफाश किया।
मोहाली। पंजाब की स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) एसएएस नगर ने एक इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई में पैसों के लेन-देन में संलिप्त एक व्यक्ति की गिरफ्तारी कर एक अंतर-राज्यीय तथा सीमा पार नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल के मुख्य वित्तीय लिंक का पर्दाफाश किया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सतनाम सिंह के रूप में हुई है, जो संगरूर के गांव पुन्नेवाल का निवासी है। सतनाम सिंह पहले एक निजी कंपनी में टैक्सी चालक के रूप में कार्यरत था और पिछले वर्ष जून में टूरिस्ट वीजा पर अजरबैजान गया था, जहां वह पाकिस्तान-आधारित ड्रग तस्कर के संपर्क में आया। यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित रक्सौल कस्बे से एक प्रमुख नार्को-आतंकवादी कारकुन राजबीर सिंह उर्फ फौजी की गिरफ्तारी के बाद सामने आई है, जब वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। इस गिरफ्तारी से जुड़े आगे-पीछे के संबंधों की गहन जांच के दौरान यह खुलासा हुआ।
उन्होंने कहा, फरवरी 2025 में भारतीय सेना से फरार आरोपी राजबीर सिंह चिराग को हेरोइन की आपूर्ति करता था। उल्लेखनीय है कि चिराग को पहले 107 ग्राम हेरोइन, एक 9 एमएम पिस्तौल और जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया था। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सतनाम सिंह ने पाकिस्तान-आधारित ड्रग तस्कर के इशारों पर काम करते हुए हेरोइन तस्करी से होने वाली कमाई को व्यवस्थित करने के लिए जानबूझकर अपने बैंक खाते और यूपीआई विवरणों का इस्तेमाल कर आतंकवाद की फंडिंग को सुगम बनाया। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क हेरोइन की बरामदगी, अवैध हथियारों की तस्करी तथा नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़ा हुआ है।
एआईजी (एसएसओसी एसएएस नगर) दीपक पारिक ने बताया कि राजबीर सिंह उर्फ फौजी की निरंतर जांच और हिरासत में पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि सितंबर 2025 में भारत लौटने के बाद पाकिस्तान-आधारित तस्कर ने दोबारा सतनाम से संपर्क किया और धीरे-धीरे उसे ड्रग नेटवर्क के लिए काम करने के लिए राजी कर लिया तथा वित्तीय लेन-देन के बदले उसे कमीशन की पेशकश की। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि हेरोइन की बिक्री के बाद सतनाम सिंह के खाते में पैसा जमा कराया जाता था और बाद में यह राशि नेटवर्क के अन्य कारकुनों को भेज दी जाती थी। आगे यह भी पता चला कि राजबीर सिंह ने गुरजंट सिंह निवासी तरनतारन के खाते के माध्यम से सतनाम सिंह के खाते में धनराशि भेजी थी।
उल्लेखनीय है कि आरोपी गुरजंट को हरियाणा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। एआईजी ने बताया कि आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। इस संबंध में थाना एसएसओसी एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, आम्र्स एक्ट की धारा 25(1) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है।

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