स्कूलों में जहरीला भोजन खिलाए जाने की घटना बेहद शर्मनाक और आपराधिक, उच्चस्तरीय जांच की मांग : भाकपा माले
शिक्षा विभाग की लापरवाही
बिहार के सहरसा में जहरीला मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार हो गए। भाकपा माले ने इस घटना को आपराधिक लापरवाही बताते हुए दोषी एनजीओ की गिरफ्तारी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी ने निजीकरण को बच्चों की जान के लिए खतरा बताते हुए स्थानीय रसोइयों द्वारा ताजा भोजन की व्यवस्था बहाल करने की अपील की।
पटना। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा माले) के राज्य सचिव कुणाल ने सहरसा जिले महिषी प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चों के बीमार होने की घटना को बेहद शर्मनाक और आपराधिक बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा दोषी एनजीओ संचालकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। कुणाल ने आज बयान जारी कर कहा कि भोजन में जहरीले सांप के अवशेष मिलने की खबर भयावह और गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
कुणाल ने आरोप लगाया कि बिहार की डबल इंजन सरकार ने मिड डे मील जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना को निजी एनजीओ और ठेकेदारों के हवाले कर दिया है, जिसका नतीजा आज बच्चों की जान पर बन आया है। उन्होंने कहा कि निजीकरण और लागत कम करने की नीति के कारण सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बदहाल हो गई है।उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी एनजीओ संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी बीमार बच्चों के निशुल्क और समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
माले नेता कुणाल ने कहा कि पूर्व की व्यवस्था के तहत स्कूलों में स्थानीय रसोइयों द्वारा ताजा भोजन तैयार कर बच्चों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और मिड डे मील व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भाकपा माले राज्यव्यापी आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।

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