बाजार में कोहराम: पश्चिम एशिया संकट के दबाव में शेयर बाजारों में फिर बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1342 अंक लुढ़ककर 76,863 पर हुए बंद
पश्चिम एशिया संघर्ष से सेंसेक्स 1,300 अंक से ज्यादा टूटा
पश्चिम एशिया में युद्ध के तनाव ने घरेलू शेयर बाजार को हिला दिया है। बुधवार को सेंसेक्स 1,342 अंक गिरकर 11 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग, ऑटो और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही, जिससे निवेशकों को बड़ा घाटा हुआ। वैश्विक अस्थिरता और ऊर्जा संकट के डर से बाजार में लाल निशान हावी रहा।
मुंबई। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के दबाव में घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट रही। बीएसई का सेंसेक्स 1,342.27 अंक (1.72 प्रतिशत) लुढ़ककर 76,863.71 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 394.75 अंक यानी 23,866.85 अंक पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों का यह करीब 11 महीने का निचला बंद स्तर है।
सेंसेक्स की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी और सुबह अधिकतर सूचकांक हरे निशान में थे। लेकिन बाद में गिरावट तेज होती गयी। मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांक भी लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.66 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.36 प्रतिशत गिर गया।
बैंकिंग, वित्त, ऑटो, रियलटी, रसायन, आईटी और एफएमसीजी सेक्टरों पर ज्यादा दबाव रहा। फार्मा, स्वास्थ्य और तेल एवं गैस सेक्टरों में तेजी रही। सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस का शेयर पांच प्रतिशत टूट गया। एक्सिस बैंक में चार फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। बजाज फिनसर्व और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी करीब चार प्रतिशत गिर गये। मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स और बीईएल के शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा टूटे।
भारतीय स्टेट बैंक, टाइटन, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनीलिवर, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इटरनल के शेयर एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट में रहे। एलएंडटी, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंडिगो के शेयर भी लाल निशान में रहे। एनटीपीसी और सनफार्मा में तेजी रही।

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