सवाई मानसिंह स्टेडियम पर हर साल खर्च होते हैं करोड़ों रुपए, फिर भी आईपीएल के वेन्यू में सबसे कम दर्शक क्षमता
सबसे ज्यादा क्षमता नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की
सवाई मानसिंह स्टेडियम में आईपीएल से पहले तैयारियां अंतिम चरण में, 20 वर्षों में दर्शक क्षमता 25 हजार ही रही। हर साल अस्थाई सीटों पर करोड़ों खर्च होते हैं। Rajasthan Royals और सरकार क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहे, पर काम अब तक अधूरा।
जयपुर। आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में तैयारियां अब अन्तिम चरण में हैं। लेकिन जब भी आईपीएल मैचों का यहां आयोजन होता है, एक सवाल हमेशा उठता है। हर साल आईपीएल मुकाबलों से पहले स्टेडियम के रिनोवेशन के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन बीते करीब 20 वर्षों इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता में कोई बढ़ोतरी नहीं हो पाई है। आईपीएल के मौजूदा सीजन के 13 प्रमुख आयोजन स्थलों में शामिल एसएमएस स्टेडियम की कुल क्षमता आज भी लगभग 25 हजार ही बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि इसमें से केवल 18 हजार सीटें ही स्थाई हैं। स्टेडियम के नॉर्थ, साउथ और ईस्ट स्टेंड्स पर ही स्थाई सीटें लगी हैं। आईपीएल के हर सीजन में और जब भी यहां अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन हो, तब अस्थाई सीटें लगाकर क्षमता बढ़ाई जाती है।
कहां-कितनी स्थाई सीटें ?
एसएमएस स्टेडियम में रिनोवेशन कार्य में जुटे पीडब्ल्यूडी के एक सीनियर ऑफिसर के मुताबिक सबसे ज्यादा 9 हजार स्थाई सीटें ईस्ट स्टेंड पर हैं। इसके बाद नॉर्थ-ईस्ट स्टेंड पर 3100 और नॉर्थ- वेस्ट स्टेंड पर 2 हजार स्थाई कुर्सियां लगी हैं। इसी तरह साउथ- वेस्ट स्टेंड पर 2 हजार और साउथ-ईस्ट स्टेंड पर 3100 स्थाई सीटें हैं। आईपीएल मैचों के आयोजन के समय मुख्य रूप से वेस्ट पवेलियन में ग्राउण्ड और रूफ टॉप पर अस्थाई कुर्सियां लगाकर दर्शक क्षमता बढ़ाई जाती है। साथ ही ईस्ट, नॉर्थ और साउथ स्टेंड्स लॉन में भी अस्थाई सीटें लगाई जाती हैं।
हर साल होता है भारी खर्च :
दर्शक क्षमता बढ़ाने के लिए हर साल होने वाले अस्थाई इंतजामों पर भारी खर्च होता है। सरकार और राजस्थान रॉयल्स की ओर से इस पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर वर्ष खर्च की जा रही राशि को स्थाई इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगाया जाता, तो अब तक स्टेडियम की क्षमता और सुविधाएं दोनों में उल्लेखनीय सुधार हो सकता था। राजस्थान रॉयल्स प्रबंधन भी चाहता है कि यहां दर्शक क्षमता में बढ़ोतरी हो।
खेलमंत्री की योजना पर नहीं हुआ काम :
खेलमंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पिछले साल आईपीएल मैचों के दौरान ही कहा था कि अगले साल आईपीएल से पहले स्टेडियम में बड़ा बदलाव दिखेगा। उन्होंने स्टेडियम की दर्शक क्षमता को चरणबद्ध रूप से बढ़ाते हुए इसे 50 हजार तक करने की योजना बनाई थी। उनका इरादा था कि हर साल 20 से 25 फीसदी सीटों का इजाफा किया जाए। आईपीएल मैचों की समाप्ति के बाद इस दिशा में प्रयास करते हुए कुछ बड़ी कंपनियों के साथ चर्चा भी शुरू हुई लेकिन जयपुर में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स समेत कुछ बड़े आयोजनों के चलते ये प्रयार सिरे नहीं चढ़ सके।
सबसे ज्यादा क्षमता नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की :
आईपीएल के मैच जिन स्टेडियमों में हो रहे हैं उनमें सबसे ज्यादा दर्शक क्षमता अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की है, जहां एक लाख से ज्यादा दर्शक बैठ सकते हैं। इसके बाद ईडन गार्डन्स में 80 हजार, लखनऊ के इकाना स्टेडियम में 50 हजार, चेन्नई के चिदम्बरम स्टेडियम में 50 हजार, दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में 35 हजार, मुम्बई के वानखेड़े में 33 हजार, बेंलगुरु के चिन्ना स्वामी स्टेडियम में 33 हजार, मुल्लांपुर में 38 हजार, गुवाहाटी के बरसापारा में 45 हजार और रायपुर के स्टेडियम में 65 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। सबसे कम क्षमता करीब 23 हजार धर्मशाला स्टेडियम की बताई जाती है।

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