ऐतिहासिक जीत: बिना हाथ-पैर के पायल नाग ने विश्व चैंपियन को हराकर जीता स्वर्ण, भारत में खाते में अब तक कुल 16 मेडल
पायल नाग ने दुनिया की नंबर 1 तीरंदाज शीतल देवी को हराया
पैरा तीरंदाजी में 18 वर्षीय पायल नाग ने बड़ा उलटफेर करते हुए हमवतन शीतल देवी को 139-136 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पायल की इस स्वर्णिम सफलता की बदौलत भारत ने 7 स्वर्ण सहित कुल 16 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। दोनों हाथ-पैर गंवाने के बावजूद पायल का यह प्रदर्शन अद्वितीय है।
नई दिल्ली। विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में भारतीय खिलाड़ी पायल नाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया। दोनों हाथ और दोनों पैर गंवा चुकी 18 वर्षीय पायल ने फाइनल मुकाबले में हमवतन और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज शीतल देवी को 139-136 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ पायल ने न केवल अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में भारत की अगुआई भी की।
पायल की इस ऐतिहासिक जीत की बदौलत भारत ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात स्वर्ण पदक हासिल किए और पदक तालिका में पहला स्थान प्राप्त किया। भारतीय दल ने इसके अलावा पांच रजत और चार कांस्य पदक भी जीते, जिससे कुल पदकों की संख्या 16 तक पहुंच गई।
गौरतलब है कि पायल की यह शीतल देवी पर एक साल के भीतर दूसरी बड़ी जीत है। इससे पहले उन्होंने जनवरी 2025 में जयपुर में आयोजित पैरा राष्ट्रीय खेलों में भी शीतल को हराया था। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन से पायल तेजी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं।
दुबई 2025 एशियाई युवा पैरा खेलों से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाली पायल अपने दूसरे ही बड़े टूर्नामेंट में स्वर्ण जीतने में सफल रहीं। वहीं शीतल देवी भी भारत की सबसे सफल पैरा तीरंदाजों में शुमार हैं और उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किए हैं।

Comment List