भारत-न्यूजीलैंड के बीच 10 समझौते और 8 नई पहल: 2030 तक 35,000 करोड़ रुपये व्यापार का लक्ष्य, रणनीतिक साझेदारी को मिली नई दिशा
कीवी फल के लिए उत्तराखंड और नागालैंड में बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए समुद्री सहयोग, जल सर्वेक्षण, रसद सहायता, आतंकवाद रोधी सहयोग, आपदा प्रबंधन, पशुपालन एवं डेयरी, पर्यटन और खेल जैसे अनेक क्षेत्रों में दस समझौतों और आठ नई पहलों की घोषणा की है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाते हुए 2030 के लिए एक रोडमैप जारी किया, जिसके तहत प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर के बीच शुक्रवार देर रात ऑकलैंड में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान यह निर्णय लिए गए।
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 35,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य तय किया और सहयोग, समन्वय तथा सूचना आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए समुद्री सुरक्षा संवाद स्थापित करने पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समझौतों में समुद्री सहयोग, जल सर्वेक्षण, रसद सहायता, आतंकवाद रोधी सहयोग, आपदा प्रबंधन, पशुपालन एवं डेयरी, पर्यटन, खेल, समुद्री विरासत और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। नई पहलों के तहत न्यूजीलैंड अवैध, अनियमित और बिना सूचना वाली मछली पकड़ने की गतिविधियों से निपटने के लिए हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) के समुद्री सुरक्षा स्तंभ में शामिल हुआ और सतत ऊर्जा परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में भी शामिल हो गया।
दोनों देशों ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए कीवी फल कार्य योजना शुरू करने और नागालैंड तथा उत्तराखंड में कीवी फल के लिए दो उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इसके अलावा भारत के राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र और न्यूजीलैंड के कैंटरबरी विश्वविद्यालय के बीच अंटार्कटिक अनुसंधान में सहयोग की घोषणा की गई। कुंडली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान और न्यूजीलैंड के मैसी विश्वविद्यालय के बीच अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान और छात्र गतिशीलता के लिए सहयोग ढांचे की भी घोषणा की गई।

Comment List