सड़क तो सुधरी नहीं, दीवार व व्यू कटर भी ढहे
इंद्रा गांधी नगर पुलिया का मामला
कोटा। नगर निगम की ओर से एक तरफ तो शहर में सभी बड़े बरसाती नालों को व्यू कटर से ढकने का काम किया जा रहा है। वहीं इंद्रा गांधी नगर में नाले की पुलिया पर बनाई दीवार व व्यू कटर कुछ समय में ही ढह गए।नगर निगम की ओर से शहर के सभी बड़े बरसाती नालों में ऊपर से डलने वाले कचरे को रोकने के लिए नालों पर व्यू कटर लगाए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत औद्योगिक क्षेत्र से की गई थी। सबसे पहले एसएफएस चौराहे से प्रेम नगर के बीच इंद्रा गांधी नगर स्थित नाले की पुलिया पर चार दीवारी बनाई गई थी। उसके बाद पुलिया के दोनों तरफ फाइबर के व्यू कटर लगाए गए थे। ये व्यू कटर कुछ समय तक तो रहे। स्थानीय लोगों को भी अच्छा लगा। लेकिन कुछ समय पहले हवा के एक झौंके ने पुलिया की एक तरफ की दीवार और उस पर लगे व्यू कटर को ऐसा झटका दिया कि वह चंद सैकंड में ही धराशाही हो गए। उसके बाद दूसरी तरफ का व्यू कटर भी हटा दिया गया। जबकि दूसरी साइड की दीवार अभी अपनी जगह पर खड़ी है।
सड़क की हालत बदहाल
पुलिया की सड़क की हालत पहले भी बहुत खराब थी वह आज भी वैसे ही है। जबकि बरसात का पानी भरने से वहां गड्ढ़े लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। कुछ समय पहले हुई बरसात का पानी अभी भी उन गड्ढ़ों में भरा हुआ है। ऐसे में वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व स्थानीय लोगों को अभी भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सडणक के गड्ढ़े तो सुधरे नहीं। दीवार व व्यू कटर भी ऐसे लगाए तो अधिक दिन तक नहीं चल सके। जिससे करीब एक से डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
यहां भी लगाए व्यू कटर
नगर निगम की ओर से डीसीएम चौराहा स्थित मेन रोड के नाले पर, कंसुआ और अब गुमानपुरा नहर के नाले पर व्यू कटर लगाए जा रहे हैं। वहीं सीएडी मेन रोड स्थित साजी देहड़ा नाले पर भी व्यू कटर लगाकर उसे ढका गया है।
संवेदक को किया डीबार
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इंद्रा गांधी नगर समेत कई जगह के नालों पर व्यू कटर लगाए जा रहे हैं। लेकिन जिस दिन इस नाले की पुलिया की दीवार व व्यू कटर ढहे उस दिन हवा काफी तेज थी और दीवार को बने अधिक समय भी नहीं हुआ था। इस कारण से वह ढह गई। व्यू कटर फाइबर का हल्का होने से दीवार के साथ ही ही गिर गया था। ऐसे में इस काम को करने वाले संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे डीबार कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है।
-कुलदीप प्रेमी अधिशासी अभियंता

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