एंटी कैंसर दवाओं सहित 34 जरूरी दवाएं एनएलईएम में हुई शामिल

केंद्र सरकार ने न‍िवर्तमान दवाओं की ल‍िस्‍ट से 26 दवाएं हटाई

एंटी कैंसर दवाओं सहित 34 जरूरी दवाएं एनएलईएम में हुई शामिल
मनसुख मंडाविया ने कहा कि साल 2015 के बाद 2022 में जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची आयी है। इस सूची में दवाओं को शामिल करने की लंबी प्रक्रिया है। कौन सी दवाएं इस सूची में शामिल होती है, यह एक स्वतंत्र समिति तय करती है।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौरान लोगों ने कई सारी दवाईयों को बिना डॉक्टरों की सलाह के लेना शुरू कर दिया था, जिससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने का खतरा बढ़ गया था। इस खतरे को देखते हुए मोदी सरकार ने कैंसर होने की चिंता को लेकर लोकप्रिय एंटासिड सॉल्ट रैनिटिडिन को आवश्यक दवाओं की सूची से हटा दिया है। मोदी सरकार ने रैनिटिडिन के साथ ही सुक्रालफेट, व्हाइट पेट्रोलेटम, एटेनोलोल और मेथिल्डोपा दवा को भी आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) से बाहर कर दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 384 दवाओं की सूची जारी की है उसमें 34 नई दवाओं को आवश्‍यक दवाओं की ल‍िस्‍ट में शाम‍िल क‍िया गया है। वहीं केंद्र सरकार ने न‍िवर्तमान दवाओं की ल‍िस्‍ट से 26 दवाओं को हटाने का काम भी क‍िया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक दवाओें की राष्ट्रीय सूची में एंटी डायबिटीज दवा इंसुलिन ग्लार्गिन, एंटी टीबी दवा डेलामैनिड, व एंटीपैरासाइट जैसी मेडिसिन्स शामिल हैं। आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) में आइवरमेक्टिन, मुपिरोसिन, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसी कुछ संक्रमण रोधी दवाओं को भी जोड़ दिया गया है। सूची में जुड़ने से कई एंटीबायोटिक्स, टीके और कैंसर रोधी दवाएं सस्ती हो जाएंगी। एनएलईएम में  कैंसर के ईलाज से लेकर बैक्टीरिया से जुड़ी खतरनाक बीमारियों के ईलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाईयों को जोड़ा गया है। इतना ही नहीं सिगरेट छुड़ाने वाली दवा निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी को भी इस सूची में शामिल किया गया है। वहीं इवरमेक्टिन जोडी गई, जो कि कीड़े मारने की दवा है साथ ही रोटावायरस टीका को लिस्ट में शामिल किया गया है। मनसुख मंडाविया ने कहा कि साल 2015 के बाद 2022 में जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची आयी है। इस सूची में दवाओं को शामिल करने की लंबी प्रक्रिया है। कौन सी दवाएं इस सूची में शामिल होती है, यह एक स्वतंत्र समिति तय करती है। इसमें 350 विशेषज्ञ होते हैं, यह विशेषज्ञ 140 से अधिक बार कंसल्ट कर सूची तैयार करती है। इस सूची में शामिल दवाएं लोगों के जेब पर भारी नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस सूची को जारी करने के पीछे का मकसद आम लोगों तक मेडिसिन सस्ती, सुलभ और आसान उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि आम लोगों तक सस्ती मेडिसिन उपलब्ध हो, इसको ध्यान में रखते हुए ही जन औषधि में सस्ती मेडिसिन उपलब्ध कराई जा रही है। 

Tags: medicine

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