अयोध्या में चढ़ावा चोरी के सरगनाओं को बचाने की चल रही कार्रवाई : आरोपियों के खिलाफ अब तक चार्जशीट भी नहीं हुई दाखिल, जयराम बोले- चढ़ावा चोरी के सरगनाओं को कौन और क्यों बचा रहा?

बड़ी मछलियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं

अयोध्या में चढ़ावा चोरी के सरगनाओं को बचाने की चल रही कार्रवाई : आरोपियों के खिलाफ अब तक चार्जशीट भी नहीं हुई दाखिल, जयराम बोले- चढ़ावा चोरी के सरगनाओं को कौन और क्यों बचा रहा?
कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तीन महीने बाद भी चार्जशीट दाखिल न होने पर भाजपा सरकारों को घेरा। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एसआईटी के नाम पर ‘बड़ी मछलियों’ को बचाया जा रहा है। उन्होंने 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और मंदिर ट्रस्ट का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावे चोरी के मामले में तीन महीने बाद भी आरोप पत्र दाखिल नहीं होने को सरगनाओ को बचाने की कोशिश करार देते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा की डबल इंजन सरकारें एसआईटी के नाम पर बड़े चोरों को बचाने की कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि चढ़ावा चोरी के मामले में जांच शुरू हुए तीन महीने पूरे होने में सिर्फ तीन दिन शेष हैं लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। यदि 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई तो चढ़ावा चोरी के मामले के छोटे किरदारों को जमानत मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

रमेश ने कहा कि देश की जनता को ऐसी एसआईटी और ऐसी किसी सरकारी चार्जशीट पर भरोसा नहीं है, जिसमें बड़ी मछलियों को बचाने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते थे कि कुछ भी रिपोर्ट के लायक नहीं है उनकी अपनी जांच अब मान रही है कि चढ़ावे की चोरी 70 नहीं बल्कि सीसीटीवी में 105 बार सामने आ चुकी है जिसे वे चाहकर भी नकार नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार्जशीट दाखिल करने में देरी क्यों हो रही है, यह समझना मुश्किल नहीं है और मामला बड़े चोरों तथा उनके संरक्षकों से ध्यान हटाने का है। उन्होंने सवाल किया कि अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में सुनियोजित तरीके से की गई चढ़ावा चोरी के सरगनाओं को कौन और क्यों बचा रहा है। इस गंभीर मामले में केन्द्र सरकार और चढ़ावा चोरी के आरोपियों की मदद पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।

रमेश ने कहा कि जनता के सीधे सवाल हैं कि बड़ी-बड़ी मछलियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और उनसे कड़ी पूछताछ कब होगी। असली दोषियों को बचाने के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच से कौन और क्यों बचना चाहता है तथा ट्रस्ट को अब तक भंग क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि एसआईटी के नाम पर भाजपा की डबल इंजन सरकारें भाजपा-आरएसएस से जुड़े चढ़ावा चोरी के आरोपियों को बचाने की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सवाल अब सिर्फ आरोपियों का नहीं, बल्कि उन लोगों की जवाबदेही का भी है जिनकी निगरानी में यह सब हुआ। प्रधानमंत्री को आस्था से जुड़े इस गंभीर मामले पर चुप्पी के लिए जवाब देना होगा। कांग्रेस ने मांग की है कि पूरी व्यवस्था का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए। रमेश ने कहा कि चढ़ावा भगवान श्रीराम के नाम पर आया था और जो लोग इसके प्रबंधन तथा प्रबंधकों को चुनने का श्रेय लेते रहे हैं, उन्हें चढ़ावा चोरी की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।

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