राजस्थान की जेन-Z शहरी सत्ता में महिलाएं बहुमत में, 45 साल तक के 149 निकाय प्रमुखों में 79 महिलाएं
युवा महिला नेतृत्व और भी उल्लेखनीय
जयपुर। राजस्थान के स्थानीय निकायों की युवा राजनीति में महिलाएँ पुरुषों से आगे हैं। 301 विजेताओं में महिलाएँ 137 (45.5%) और पुरुष 164 (54.5%) हैं। पीढ़ी बदलते ही तस्वीर उलट जाती है। जेन-Z में 61.1% विजेता महिलाएँ हैं। 18 में 11। मिलेनियल्स में भी महिलाएँ बहुमत में हैं यानी 131 में 68 महिलाएँ। पुरुष तिरसठ। ॠील्ल में 38.3% महिलाएँ और बेबी बूमर्स में 37.5% महिलाएं हैं। 45 साल तक के 149 विजेताओं में 79 महिलाएँ और 70 पुरुष हैं। युवा स्थानीय सत्ता में महिलाएँ 53% हैं। 46 साल और अधिक उम्र के 152 विजेताओं में महिलाएं 58 और पुरुष 94 हैं। महिला हिस्सेदारी 38.2% है। भाजपा के विजेताओं की औसत उम्र करीब 46.8 वर्ष, जबकि कांग्रेस के विजेताओं की करीब 45.0 वर्ष है। राजनीति का असली मध्यवर्ग: मिलेनियल + ॠील्ल है।
युवा महिला नेतृत्व और भी उल्लेखनीय :
सबसे कम उम्र की विजेता इस सूची में 21 वर्ष की धोरीमन्ना नगर पालिका की कीर्ति गुंसाईवाल हैं। 22 वर्ष की अकलेरा की यांशिका मेवाड़ा हैं। दूसरे छोर पर सबसे अधिक उम्र 77 वर्ष है और इस उम्र के दो विजेता हैं। इसलिए पूरी 301 सदस्यीय सूची का वास्तविक आयु-विस्तार 21 से 77 वर्ष तक है।
स्थानीय सत्ता पूरी तरह दो पीढ़ियों के हाथ :
स्थानीय सत्ता पूरी तरह दो पीढ़ियों के हाथ में है : मिलेनियल्स 131+ Gen X 120 = 251 विजेता। अर्थात 301 में 251, यानी 83.4% निकाय प्रमुख केवल इन दो पीढ़ियों से हैं।

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