पंचायत चुनाव में वोट की चोट, कई जगह लाठीचार्ज और बवाल
भिंडर में सरपंच प्रत्याशी पर हमला
जयपुर। गांव की सरकार चुनने के लिए शनिवार को राजस्थान के 16 जिलों में पंच-सरपंच चुनाव के पहले चरण में मतदान हुआ। कई जगह मतदाताओं में उत्साह नजर आया, तो कुछ बूथों पर विवाद, मारपीट और हंगामे ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। बीकानेर में मतदान केंद्र पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जयपुर के मौजमाबाद में दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले, जबकि उदयपुर के भिंडर में सरपंच प्रत्याशी पर हमला किए जाने की सूचना सामने आई। भीलवाड़ा में फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर मतदाताओं ने हंगामा किया, वहीं फलोदी के बगड़ावतनगर में भी दो पक्षों के बीच झड़प और पथराव की सूचना मिली।
शाम 5 बजे तक प्रदेश में 65 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बाड़मेर के मांगता में सबसे अधिक 78.67 प्रतिशत और उदयपुर की भिंडर पंचायत समिति में सबसे कम 43.69 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों में बंद मतों की गिनती की तैयारी शुरू हुई। बैलेट पेपर से मतदान होने के कारण परिणाम देर रात तक आने की संभावना जताई गई।
कहीं लाठीचार्ज, कहीं चले डंडे
बीकानेर: रिडमलसर पुरोहितान ग्राम पंचायत के देवीकुंड सागर मतदान केंद्र पर चुनाव के अंतिम समय में भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को हटाया।
जयपुर: मौजमाबाद में मतदान के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से लाठी-डंडों से हमला किए जाने की सूचना मिली।
उदयपुर: भिंडर क्षेत्र में सरपंच प्रत्याशी पर हमला किए जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद क्षेत्र में चुनावी माहौल तनावपूर्ण रहा।
फलोदी: पीलवा क्षेत्र के बगड़ावतनगर में फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर दो पक्षों में झड़प हुई। पथराव की सूचना पर पुलिस ने मोर्चा संभाला। एसपी आदित्य काकड़े मौके पर पहुंचे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बावजूद मतदान जारी रहने की सूचना थी।
फर्जी वोटिंग के आरोप, बूथों पर हंगामा
भीलवाड़ा के उलेल और पीपलुंद के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने हंगामा किया। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी पर फर्जी मतदान के आरोप लगाए। हंगामे के बीच मतदान जारी रहा।
अजमेर जिले के मेवदाकला में भी फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया। एक महिला पर फर्जी वोट डालने का आरोप लगाया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई। बाद में समझाइश के बाद मामला शांत कराया गया।
पाली जिले की रानी पंचायत के डुठारिया गांव में मतदान नहीं होने की सूचना मिली। ग्रामीणों ने इससे पहले जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में भी मतदान नहीं किया था। दूसरी ओर, नागौर में एक दूल्हा सेहरा बांधकर वोट डालने पहुंचा और लोकतंत्र के इस उत्सव में अपनी भागीदारी निभाई।
3,314 सरपंच और 28,682 वार्ड पंच चुने जाएंगे
पहले चरण में प्रदेश के अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर जिलों में मतदान कराया गया। इस चरण में 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 28,682 वार्ड पंच पदों के लिए चुनावी मुकाबला निर्धारित था। एक ग्राम पंचायत में सरपंच का निर्विरोध निर्वाचन होने की जानकारी भी दी गई।
इस बार बैलेट पेपर, इसलिए परिणाम में लगेगा समय
पिछले पंचायत चुनावों में ईवीएम से मतदान हुआ था, जबकि इस बार बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जा रहा है। मतदाताओं को सरपंच और वार्ड पंच के लिए अलग-अलग मतपत्रों पर वोट देना है। मतगणना में पहले वार्ड पंच और फिर सरपंच पद के मतों की गिनती की जाएगी। इसी वजह से चुनाव परिणाम देर रात तक आने की संभावना है।
चुनावी तस्वीर: एक ओर गांवों में मतदाताओं ने उत्साह से अपने प्रतिनिधि चुने, तो दूसरी ओर कुछ स्थानों पर विवाद और फर्जी मतदान के आरोपों ने चुनाव व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी की। अब सभी की निगाहें मतगणना और पंचायतों के नए नेतृत्व पर टिकी हैं।

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