अमेरिका ने क्यूबा के 9 संगठनों पर लगाया प्रतिबंध, वामपंथी सरकार को बनाए रखने में की मदद

ये मिशन जबरन मजदूरी पर निर्भर

अमेरिका ने क्यूबा के 9 संगठनों पर लगाया प्रतिबंध, वामपंथी सरकार को बनाए रखने में की मदद
अमेरिका ने क्यूबा की 9 संस्थाओं और 2 वरिष्ठ अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए। आरोप है कि उन्होंने ऊर्जा, वित्तीय और विदेशी चिकित्सा श्रम क्षेत्र के जरिए क्यूबा सरकार को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद की। प्रतिबंधों के तहत अमेरिकी संपत्तियां फ्रीज होंगी।

वाशिंगटन। अमेरिका ने गुरुवार को क्यूबा की 9 संस्थाओं और दो वरिष्ठ अधिकारियों पर नये प्रतिबंध लगा दिये। जिन संस्थाओं और अधिकारियों पर पाबंदी लगायी गयी है, उन पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका के मौजूदा प्रतिबंधों से बचते हुए ऊर्जा, वित्तीय और विदेशी चिकित्सा श्रम क्षेत्र के जरिए क्यूबा की वामपंथी सरकार को बनाए रखने में मदद की। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश 14404 के तहत विदेश विभाग द्वारा घोषित ये प्रतिबंध उन कंपनियों को निशाना बनाते हैं, जो क्यूबा के सेना के नियंत्रण वाले व्यापारिक समूह, ऊर्जा आयातकों और देश के विदेशी मेडिकल मिशन की देख-रेख करने वाले अधिकारियों से जुड़ी हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये मिशन जबरन मजदूरी पर निर्भर हैं। अमेरिका ने कहा कि क्यूबा की वामपंथी सरकार अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है। 

अमेरिका ने कहा कि जिन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उन्होंने क्यूबा के ऊर्जा, वित्तीय और शोषणकारी विदेशी चिकित्सा श्रम क्षेत्र पर सरकार के नियंत्रण को बनाए रखा है और पहले के अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने की कोशिश भी की है। जिन संस्थाओं को प्रतिबंधित किया गया है, उनमें क्यूबा के ऊर्जा सेक्टर में काम करने वाली तीन संस्थाएं - सीईआईएनपीईटी, ईएनईआरएसए और ईआईएनएआरबीओ एस.. शामिल हैं। साथ ही, सेना द्वारा संचालित ग्रूपो डी एडमिनिस्ट्रेशन इम्प्रेसरियल एस.. (जीएईएसए) से जुड़ी चार संस्थाएं भी शामिल हैं, जिन पर प्रतिबंधों से बचने का आरोप है। इनमें पोर्ट ऑफ़ मैरिएल का संचालन भी शामिल है। 

इन प्रतिबंधों में क्यूबा की सरकारी चिकित्सा सेवा निर्यात कंपनी'कोमर्सियालिजडोरा डी सर्विसीओस मेडिकोस क्यूबानोस (सीएसएमसी), सार्वनिक स्वास्थ्यमंत्री जोस एंजेल पोर्टल मिरांडा, सेंट्रल मेडिकल कोऑपरेशन यूनिट (यूसीसीएम) और इसकी निदेशक  ग्रेट्ज सांचेज पैड्रॉन को भी निशाना बनाया गया है। अमेरिका का आरोप है कि क्यूबा सरकार विदेशों में तैनात चिकित्सा पेशेवरों का शोषण करती है और उनसे मिलने वाली सैलरी का 50 प्रतिशत से 95 प्रतिशत हिस्सा जब्त कर लेती है। 

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, विभाग की सालाना'मानव तस्करी रिपोर्ट में दर्ज जानकारी के मुताबिक, क्यूबा सरकार की विदेशी मेडिकल मिशनों में जबरदस्ती काम कराने की नीति या पैटर्न है। इन प्रतिबंधों के तहत, जिन लोगों और संस्थाओं को इसमें शामिल किया गया है, उनकी अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियों और हितों को फ्रीज कर दिया जाएगा और अमेरिकी लोगों को उनके साथ लेन-देन करने से रोका जाएगा। प्रतिबंधों का सामना कर रही पार्टियों के साथ काम करने वाली विदेशी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों पर भी अतिरिक्त प्रतिबंध लगाया जा सकता है। यह कदम ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक नीति का हिस्सा हैं, जिसका मकसद क्यूबा पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और उन आय के स्रोतों को रोकना है। 

Read More आस्था पर पूरा ‘ट्रस्ट’ : प्रदेश में बड़े मंदिरों में ‘दान’ में आई पाई-पाई का हिसाब, सभी कराते हैं आय-व्यय की ऑडिट

 

Read More दो स्पेशल रेलसेवाओं के संचालन में बदलाव : जयपुर समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा ठहराव, यात्रियों को राहत

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

पूर्व विधायक प्रो. बीरू सिंह राठौड़ की तबीयत नासाज, निजी अस्पताल में भर्ती पूर्व विधायक प्रो. बीरू सिंह राठौड़ की तबीयत नासाज, निजी अस्पताल में भर्ती
पूर्व विधायक और भाजपा के मुखपत्र मरु कमल के संपादक प्रो. बीरू सिंह राठौड़ की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर...
पेपर लीक मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष ने लगाए नारे, कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
कानोता विवाद पर परिवहन निरीक्षकों का कार्य बहिष्कार जारी, आज डीजीपी से करेंगे मुलाकात
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, सीएम बोले- युवाओं के भविष्य से नहीं होगा समझौता
पेपर लीक की घटनाएं कोई मामूली बात नहीं, वीडियो जारी कर बोले मोदी 
छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल कराने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई : खड़गे ने की मांग, बोले- धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करे सरकार
परवन बांध की टेस्टिंग, 16 गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह