आरपीएससी शिक्षक भर्ती-2022 मामला : फर्जी डिग्री से सरकारी नौकरी का खेल, मेवाड़ विश्वविद्यालय के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक सहित दो गिरफ्तार
बिचौलियों के जरिए पहुंची फर्जी डिग्री
जयपुर। आरपीएससी की प्राध्यापक (हिंदी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी एमए (हिंदी) डिग्री के जरिए नियुक्ति लेने के मामले में एसओजी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार चित्तौड़गढ़ के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक सुशील शर्मा तथा फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने वाले अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत में पेश कर 25 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया है। एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरपीएससी की पात्रता जांच के दौरान अभ्यर्थी कमला कुमारी की मेवाड़ यूनिवर्सिटी से जारी एमए (हिंदी) की डिग्री संदिग्ध पाई गई। विश्वविद्यालय से सत्यापन कराने पर पता चला संबंधित डिग्री विश्वविद्यालय ने जारी ही नहीं की। इसके बाद 20 मार्च 2024 को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
बिचौलियों के जरिए पहुंची फर्जी डिग्री
जोधपुर निवासी अशोक विश्नोई (32) ने बिचौलिए महेंद्र सिंह राव के माध्यम से अभ्यर्थी के भाई दलपत सिंह से संपर्क किया और मेवाड़ यूनिवर्सिटी से फर्जी एमए (हिंदी) की अंकतालिका और डिग्री उपलब्ध कराई। उसने विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। अशोक गत को 21 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक की भूमिका भी उजागर
अलीगढ़ उत्तर प्रदेश निवासी सुशील शर्मा उस समय मेवाड़ यूनिवर्सिटी में उप परीक्षा नियंत्रक था। उसने एमए (हिंदी) की फर्जी डिग्री तैयार कराने और उसे अभ्यर्थी तक पहुंचाने में सहयोग किया। उसे 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।

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