नरेश मीणा की संपत्ति का रिकॉर्ड तलब, एसडीएम थप्पड़ कांड में जमानत रद्द होने के बाद गिरफ्तारी के प्रयास तेज
पंचायत राज चुनाव से पहले उनकी आवाज दबाने का प्रयास
नगरफोर्ट। देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान समरावता में चर्चित एसडीएम थप्पड़ कांड के आरोपी एवं पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा पुत्र कल्याण सिंह के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। टोंक एससी-एसटी कोर्ट से जमानत निरस्त होने के बाद नगरफोर्ट पुलिस ने आरोपी की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा तलब किया है। नगरफोर्ट थानाधिकारी राजेंद्र टांडा ने 20 जुलाई को पत्र जारी कर बारां जिले की मोडक तहसील स्थित ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता की पंचायत प्रशासक से नरेश मीणा की संपत्ति का विवरण मांगा है। पुलिस के अनुसार थाना नगरफोर्ट के मुकदमा संख्या 166/2024 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दर्ज प्रकरण के संबंध में विशिष्ट न्यायाधीश, एससी-एसटी कोर्ट, टोंक के आदेश की पालना में यह कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पंचायत प्रशासक प्रेम देवी मीणा आरोपी की माता हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी पर दबाव बनाने के लिए संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया के साथ गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। ज्ञातव्य है कि 13 नवंबर 2024 को समरावता के मतदान केंद्र पर चुनाव ड्यूटी के दौरान तत्कालीन मालपुरा एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का आरोप नरेश मीणा पर लगा था। जमानत शर्तों के उल्लंघन के आधार पर टोंक एससी-एसटी कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। वहीं, नरेश मीणा के मीडिया प्रभारी राकेश बैसला ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक द्वेष से कार्रवाई कर रही है और पंचायत राज चुनाव से पहले उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

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