असर खबर का...मिट्टी और कार्य प्रगति का हटाया बोर्ड, दूर हुई बाधा

रास्ता हुआ क्लीयर ,दिनभर आसानी से निकले वाहन

असर खबर का...मिट्टी और कार्य प्रगति का हटाया बोर्ड, दूर हुई बाधा
मिट्टी के ढेर से निकलते समय वाहनों का संतुलन बिगड़ने से हादसे का खतरा बना था।

कोटा। जयपुर गोल्डन रोड स्थित तालाब के किनारे सड़क बनने के बाद लगे मिट्टी के ढेर व कार्य प्रगति के लगे बोर्ड को शनिवार को हटा दिया गया। जिससे बाधा दूर होने के साथ ही रास्ता क्लीयर हो गया। वहीं इस मार्ग से दिनभर वाहन आसानी से निकलते रहे। तालाब किनारे मंदिर के पीछे की तरफ सड़क का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा था। जिसे कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा मरम्मत कर सही करवाया गया है। लेकिन सड़क मरम्मत के लिए बंद किया गया रास्ता काफी समय तक बंद रहा। जिससे वन वे ट्रैफिक चलने से जाम की स्थिति बन रही थी। वहीं सड़क तैयार होने के बाद सड़क से वाहनों का आवागमन तो शुरू हो गया था लेकिन संवेदक द्वारा एक तरफ से मिट्टी का ढेर और दूसरी तरफ कार्य प्रगति का बोर्ड नहीं हटाया था। जिससे वाहन चालकों को उस मिट्टी के ढेर से निकलने को मजबूर होना पड़ रहा था। ऐसे में कई वाहनों का संतुलन बिगडऩे से हादसों का खतरा बना हुआ था तो कई चार पहिया वाहनों के बोनट मिट्टी के ढेर से अडऩे के कारण खराब हो रहे थे।

इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने समाचार प्रकाशित किया था। केडीए अधिकारी हरकत में आए और संवेदक को पाबंद कर मिट्टी के ढेर को हटवाया गया। मिट्टी के ढेर व बोर्ड को फिलहाल तालाब किनारे की तरफ साइड में किया गया है। केडीए सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों के माध्यम से संवेदक को आदेश दिया गया कि वह मिट्टी के ढेर व बोर्ड को तुरंत हटाए। जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो। शनिवार को सड़क के दोनों तरफ की बाधाओं को हटा दिया गया। जिससे वाहन दिनभर सुगमता से निकलते रहे।

नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित
गौरतलब है कि सड़क बनने के बाद भी संवेदक द्वारा मौके से मिट्टी और कार्य प्रगति का बोर्ड नहीं हटाने से वाहन चालकों को होने वाली परेशानी का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 8 अगस्त को पेज 11 पर' तालाब किनारे रास्ता चालू हुआ, नहीं हटी बाधा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें मिट्टी व बोर्ड नहीं हटने से रास्ता चालू होने के बावजूद वाहन चालकों को हो रही परेशानी व हादसों के खतरे के बारे में बताया था। साथ ही बरसात के समय अधिक दुर्घटना होने की आशंका भी जताई थी। इसके बाद कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकािरयों ने संवेदक को मिट्टी हटाने के लिए आदेश देते हुए पाबंद किया था।

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