खराब मौसम के कारण दार्जीलिंग रैली में नहीं पहुंच पाए अमित शाह: गोरखा मुद्दे पर साधा ममता सरकार पर निशाना, बोले-इस बार होगा परिवर्तन
गोरखा संकल्प: अमित शाह ने दिया स्थायी समाधान का आश्वासन
खराब मौसम के कारण अमित शाह ने वीडियो संदेश के जरिए दार्जीलिंग में चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने ममता बनर्जी पर गोरखा मुद्दों की अनदेखी और 'पुलिस राज' का आरोप लगाया। शाह ने वादा किया कि 5 मई को भाजपा सरकार बनते ही गोरखाओं के संवैधानिक अधिकारों और लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लंबे समय से चले आ रहे गोरखा मुद्दे के स्थायी समाधान का बुधवार को आश्वासन दिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। अमित शाह खराब मौसम के कारण रैली स्थल पर नहीं पहुंच सके और वीडियो संदेश के माध्यम से उत्तर बंगाल के पर्वतीय इलाके के लोगों को संबोधित किया। वह दार्जीलिंग में निर्धारित चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए वहां नहीं पहुंच सके थे, इसलिए उन्होंने मालदा से एक वीडियो संदेश के जरिए पहाड़ी क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद किया।
अमित शाह को दार्जीलिंग और कुर्सियोंग विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में दार्जीलिंग के लेबोंग में अपनी पहली रैली को संबोधित करना था, लेकिन खराब मौसम के कारण बागडोगरा हवाई अड्डे पर उनके विमान को उतरने की अनुमति मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने पूरे दार्जीलिंग में पुलिस राज स्थापित कर दिया है। ममता बनर्जी की सरकार पर्वतीय इलाकों में जिस तरह का पुलिस शासन चला रही है, भाजपा के सत्ता में आते ही उसे उखाड़ फेंका जाएगा और गोरखाओं के साथ हुए अन्याय काे समाप्त किया जाएगा।
गोरखा मुद्दा अब तक अनसुलझा रहने का कारण बताते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्री पर इसकी अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में उन्होंने पहाड़ी मुद्दों पर तीन बार बैठकें बुलाईं, लेकिन ममता बनर्जी न तो खुद शामिल हुईं और न ही उन्होंने दिल्ली में अपना कोई प्रतिनिधि भेजा। उन्होंने कहा कि उनके पश्चिम बंगाल दौरों के दौरान भी चर्चा के प्रयास सफल नहीं हुए, क्योंकि राज्य सरकार ने इसके लिए समय नहीं दिया। अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी पर्वतीय इलाकों में शांति या गोरखा समुदाय के लिए संवैधानिक अधिकारों की बहाली नहीं चाहतीं।
मतदाताओं को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि पांच मई को बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद उनका पहला काम गोरखाओं के लंबे समय से लंबित मुद्दों का स्थायी समाधान खोजना होगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से रैली में शामिल न हो पाने के लिए माफी भी मांगी और एक नयी अभियान तिथि की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वह मतदाताओं को सीधे संबोधित करने के लिए 21 अप्रैल को सुकना का दौरा करेंगे। अमित शाह ने कहा कि पूरे राज्य में राजनीतिक परिवर्तन की लहर चल रही है। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठ रोकना, सिंडिकेट प्रणाली को समाप्त करना और कानूनविहीनता पर अंकुश लगाना भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं होंगी।

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