नौतपा का प्रकोप : जयपुर में गर्मी बनी जानलेवा, सनबर्न और हीटस्ट्रोक जैसी बीमारियों के लोग हो रहे शिकार
वायरल फीवर और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से भी जूझ रहे लोग
राजस्थान की राजधानी जयपुर इन दिनों नौतपा की भीषण तपिश से झुलस रही। सूरज की तीखी किरणें और 44 डिग्री के आसपास पहुंचता तापमान आमजन की सेहत पर भारी पड़ रहा। सुबह से शुरू होने वाली गर्म हवाएं देर शाम तक लोगों को परेशान कर रही।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर इन दिनों नौतपा की भीषण तपिश से झुलस रही है। सूरज की तीखी किरणें और 44 डिग्री के आसपास पहुंचता तापमान आमजन की सेहत पर भारी पड़ रहा है। सुबह से शुरू होने वाली गर्म हवाएं देर शाम तक लोगों को परेशान कर रही हैं। हालात ऐसे हैं कि घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में गर्मी जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, वायरल फीवर, सनबर्न और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं। सवाईमानसिंह अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में इमरजेंसी और मेडिसिन विभाग में रोज बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुगोंर् और पहले से बीमार लोगों को हो रही है।
गर्मी में शरीर क्यों पड़ता है बीमार
डॉक्टर्स के अनुसार तेज धूप और अत्यधिक तापमान के कारण शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है। लगातार पसीना निकलने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है। यही स्थिति डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का कारण बनती है। जब शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर पहुंच जाता है तो व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है। लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इन बीमारियों का खतरा बढ़ा
हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन
डिहाइड्रेशन
उल्टी-दस्त और फूड पॉइजनिंग
वायरल बुखार
लो ब्लड प्रेशर
चक्कर और बेहोशी
त्वचा संबंधी संक्रमण
सांस और हृदय संबंधी परेशानी
इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा
छोटे बच्चे और बुजुर्ग
हार्ट और डायबिटीज मरीज
हाई ब्लड प्रेशर के रोगी
मजदूर और ट्रैफिक पुलिसकर्मी
डिलीवरी बॉय और फील्ड का काम करने वाले लोग
गर्भवती महिलाएं
ऐसे करें बचाव
दिनभर 2 से 3 लीटर पानी पिएं
ओआरएस, छाछ और नींबू पानी लें
खाली पेट बाहर न निकलें
सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें
धूप में छाता या गमछे का इस्तेमाल करें
बच्चों और बुजुगोंर् का विशेष ध्यान रखें
बासी और खुले खाद्य पदार्थ खाने से बचें
डॉक्टरों की सलाह
दो पहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय सिर ढ़ककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। चाय, कॉफी और ज्यादा मसालेदार भोजन से भी बचना चाहिए। अधिक परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
-डॉ. पुनीत सक्सेना,
सीनियर प्रोफेसर मेडिसिन, एसएमएस अस्पताल।

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