गेमिंग एप से ऑनलाइन जुआ-सट्टा खिलाने वाले गिरोह का खुलासा, ई-मित्र संचालक निकला मास्टरमाइंड
1 लाख 42 हजार 550 की नकदी जब्त
पुलिस ने गेमिंग एप से युवाओं को ऑनलाइन जुआ-सट्टा खिलाने वाले गिरोह का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार। पुलिस ने उनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 1 लाख 42 हजार 550 रुपए नकद और 94 हजार 472 रुपए की वर्चुअल राशि जब्त।
पाली। पुलिस ने गेमिंग एप से युवाओं को ऑनलाइन जुआ-सट्टा खिलाने वाले गिरोह का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 1 लाख 42 हजार 550 रुपए नकद और 94 हजार 472 रुपए की वर्चुअल राशि जब्त की है। आरोपी पहले युवाओं को गेमिंग ऐप से जोड़ते, फिर रुपए लेकर उन्हें ऑनलाइन जुआ खेलने के लिए आईडी उपलब्ध कराते थे। ऐप में लॉग-इन के बाद यूजर की आईडी जनरेट होती थी, जिसमें रुपए ट्रांसफर करने पर वर्चुअल कॉइन मिलते थे। इन्हीं कॉइन के जरिए सट्टा खेला जाता था और जीतने पर रकम वापस विड्रॉ कर दी जाती थी। हारने पर आरोपी संबंधित आईडी बंद कर उसी आईडी को दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए दे देते थे। औद्योगिक नगर थानाप्रभारी निरमा विश्नोई ने बताया, कार्रवाई के दौरान सुभाष सर्किल के पास सर्वोदय नगर निवासी अमजद (45) पुत्र बरकत अली और जोधपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र निवासी राजेश (55) पुत्र रामचंद्र को गिरफ्तार किया। अमजद ई-मित्र संचालक है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
मास्टर आईडी से चलता था पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया, कि अमजद के पास गेमिंग की मास्टर आईडी थी। एक मास्टर आईडी से 7 अन्य आईडी जुड़ी रहती थीं। जितना ज्यादा निवेश होता था, मास्टर आईडी संचालक को उतना अधिक कमीशन मिलता था। शुरूआती जांच में गिरोह से जुड़े 25 से 30 लोगों के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजेश को जेल भेज दिया , जबकि मुख्य आरोपी अमजद को पूछताछ के लिए 2 दिन के रिमांड पर लिया गया है।

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