विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में 480 केंद्रीय बलों की कंपनियां होगी तैनात : संवेदनशील जिलों में अधिक बलों की होगी तैनाती, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की सुनिश्चित की जाएगी सुरक्षा

तैनाती का उद्देश्य मतदाताओं में विश्वास बढ़ाना

विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में 480 केंद्रीय बलों की कंपनियां होगी तैनात : संवेदनशील जिलों में अधिक बलों की होगी तैनाती, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की सुनिश्चित की जाएगी सुरक्षा
विधानसभा चुनावों को लेकर सुरक्षा का कड़ा घेरा तैयार। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 480 कंपनियां तैनात होंगी। उत्तर 24 परगना में सबसे ज्यादा 59 कंपनियां रहेंगी। सीमा और संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त बल भेजे गए हैं, ताकि हिंसा और डराने-धमकाने की हर कोशिश नाकाम हो सके।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुरक्षा योजना तैयार कर ली गई है। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 480 कंपनियां तैनात की जाएंगी। राज्य में जिला-वार केन्द्रीय बलों की तैनाती योजना के अनुसार जनसंख्या घनत्व, पिछले चुनावी अनुभव, सीमा से निकटता और राजनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील माने जाने वाले जिलों में अधिक बलों की तैनाती की गई है। राज्य में सबसे अधिक 59 कंपनियां उत्तर 24 परगना जिले में तैनात की जाएंगी, जो सभी जिलों में सबसे बड़ा हिस्सा है। जिले के अंतर्गत बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय में 19 कंपनियां, बसीरहाट पुलिस जिला में 17, बारासात पुलिस जिला में 11, बोंगांव पुलिस जिला को छह और विधाननगर पुलिस आयुक्तालय में पांच कंपनियां तनौत की जायेंगी। पूर्व वर्धमान जिले में 42 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इनमें से 25 कंपनियां जिला पुलिस क्षेत्र में और 17 कंपनियां आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत तैनात होंगी। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा मुर्शिदाबाद को 35 कंपनियां मिलेंगी, जहां अतीत में तीव्र राजनीतिक गतिविधियां देखी गई हैं। इनमें 20 कंपनियां मुर्शिदाबाद पुलिस जिला और 15 कंपनियां जंगीपुर पुलिस जिला में तैनात होंगी।

दक्षिण 24 परगना में 33 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इनमें बारुईपुर पुलिस जिला को 13, डायमंड हार्बर पुलिस जिला को 11 और सुंदरबन पुलिस जिला को नौ कंपनियां मिलेंगी। राज्य की राजधानी कोलकाता में 30 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिससे प्रमुख शहरी मतदान केंद्रों, संवेदनशील इलाकों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अन्य प्रमुख जिलों में पूर्व मिदनापुर को 28 कंपनियां, हुगली को 27 (16 ग्रामीण और 11 चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट), हावड़ा को 21 (10 हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट और 11 हावड़ा ग्रामीण), पश्चिम मिदनापुर और पुरुलिया को 20-20, बीरभूम को 21, बांकुरा को 13 और झाडग़्राम में 11 कंपनियां तनौत की जायेंगी।

उत्तर बंगाल के जिलों में नदिया को 22 (कृष्णानगर 13 और रानाघाट नौ), उत्तर दिनाजपुर को 19 (रायगंज 10 और इस्लामपुर नौ), मालदा को 18, कूचबिहार को 15, जलपाईगुड़ी को 10, दार्जिङ्क्षलग को 11, अलीपुरद्वार को सात और कालिम्पोंग को चार कंपनियां मिलेंगी। सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट को अतिरिक्त पांच कंपनियां दी जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार चरणबद्ध और जिला-विशिष्ट तैनाती का उद्देश्य मतदाताओं में विश्वास बढ़ाना, किसी भी प्रकार की हिंसा या डराने-धमकाने की कोशिशों को रोकना तथा पूरे राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना है।

 

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