जमीन अधिग्रहण के खिलाफ मोहाली में गरजी कांग्रेस : बाजवा और बलबीर सिद्धू ने दिया पुडा भवन के बाहर धरना, किसानों और स्थानीय निवासियों ने सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
मोहाली में संग्राम: गमाडा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और बलबीर सिंह सिद्धू के नेतृत्व में मोहाली में 'गमाडा' के खिलाफ विशाल प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार पर किसानों की जमीन हड़पने और पंजाब को 5 लाख करोड़ के कर्ज में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने AI प्रोजेक्ट को हानिकारक बताते हुए चेतावनी दी कि हक न मिलने पर उग्र आंदोलन होगा।
मोहाली। पंजाब में ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (गमाडा) द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में सोमवार को राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने मोहाली स्थित पुडा भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी संख्या में जुटे किसानों और स्थानीय निवासियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है और राज्य को कर्ज के दलदल में धकेल दिया है। उन्होंने दावा किया कि 'आप' सरकार के पांच साल पूरे होने तक पंजाब पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के फैसले दिल्ली में बैठकर केजरीवाल ले रहे हैं और मुख्यमंत्री केवल एक "कठपुतली" बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुँचाने के लिए किसानों की जमीनें हड़पने का काम कर रही है।
बाजवा ने चेतावनी दी कि यदि अधिग्रहण के फैसले तुरंत वापस नहीं लिए गए, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर विधानसभा तक उग्र आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा, "यह केवल किसानों की नहीं, बल्कि अपने हक के लिए खड़े हर पंजाबी की लड़ाई है।" पूर्व मंत्री सिद्धू ने कहा कि मान सरकार गमाडा के जरिए किसानों के साथ सरासर अन्याय कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित मुआवजे के जमीनें ली जा रही हैं और बाद में प्लॉट आवंटन के दौरान किसानों के बजाय व्यावसायिक संस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि चंडीगढ़ बसाने के नाम पर पहले ही 28 गांव उजाड़े जा चुके हैं। अब फिर से बिना सहमति के जमीन छीनने की कोशिश हो रही है। किसानों को आवंटित कॉर्नर या पार्क-फेसिंग प्लॉट्स पर भी सामान्य आवंटियों की तरह अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है, जो कि गलत है।
सिद्धू ने मांग की कि गमाडा एक 'श्वेत पत्र' जारी करे जिसमें बताया जाए कि अब तक कितनी जमीन अधिग्रहित की गई, उससे कितना राजस्व मिला और मोहाली के विकास पर कितना खर्च हुआ। सफीपुर, नद्याली और धर्मगढ़ जैसे गांवों में 182 एकड़ में प्रस्तावित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ) प्रोजेक्ट को उन्होंने पंजाब के लिए हानिकारक बताया और कहा कि अन्य राज्य इसे नकार चुके हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 2027 में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों को उनका हक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि अन्याय नहीं रुका, तो कांग्रेस कानूनी लड़ाई लड़ने और अदालतों का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी।

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