दिल्ली आबकारी नीति मामला : केजरीवाल और सिसोदिया बरी, कोर्ट ने कहा- आरोप साबित करने के लिए नहीं मिले पर्याप्त सबूत
आदमी पार्टी के लिए बड़ी राहत
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर बड़ी राहत दी। अदालत ने कहा कि आरोप साबित करने लायक ठोस सबूत और साजिश के प्रमाण नहीं। चार्जशीट में भी खामियां रहीं। ED-CBI की कार्रवाई के बाद दोनों गिरफ्तार हुए थे।
नई दिल्ली। दिल्ली की कथित आबकारी (शराब) नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं और मामले में साजिश के ठोस प्रमाण पेश नहीं किए गए। फैसला सुनाते हुए अदालत ने चार्जशीट में खामियों पर भी सवाल उठाए और जांच में तथ्यों को सही तरीके से पेश न किए जाने की टिप्पणी की। कोर्ट के मुताबिक केवल आरोपों के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता।
इस मामले में ED और CBI ने केस दर्ज कर दोनों नेताओं को गिरफ्तार किया था। सिसोदिया लंबे समय तक जेल में रहे, जबकि केजरीवाल को मार्च 2024 में गिरफ्तार किया गया था और जुलाई 2024 में उन्हें राहत मिली थी। कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया था। अदालत के फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

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