ईडी ने मर्लिन ग्रुप पर मारा छापा : कथित भूमि हड़पने और जालसाजी रैकेट का खुलासा, राजनीतिक नेताओं के साथ सरकार के सार्वजनिक अधिकारियों के बीच मिले संबंध
रियल एस्टेट परियोजनाओं को शुरू करके फायदा उठाया
मर्लिन प्रोजेक्ट्स के सुशील और साकेत मोहता से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में जाली दस्तावेजों से जमीन कब्जाने और बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के जरिए मुनाफा कमाने का खुलासा हुआ। राजनीतिक व सरकारी संबंधों की भी जांच जारी, अहम डिजिटल सबूत जब्त।
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने सुशील मोहता और साकेत मोहता द्वारा प्रवर्तित मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ चल रही धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) जांच के सिलसिले में 7 परिसरों पर छापेमारी की। छापेमारी में पता चला कि आरोपियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने कथित तौर पर जाली दस्तावेज बनाकर सार्वजनिक भूमि सहित कई भूखंडों पर धोखाधड़ी से कब्जा किया था। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच में पता चला है कि सुशील मोहता, साकेत मोहता और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने विभिन्न भूखंडों को अवैध रूप से हासिल करने के लिए जाली दस्तावेज बनाए। आरोपियों ने बाद में इन भूमि का व्यावसायिक रूप से बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट परियोजनाओं को शुरू करके फायदा उठाया।
जाली दस्तावेजों के आधार पर खुद को वैध मालिक बताकर, उन्होंने कथित तौर पर आम जनता को इन परियोजनाओं में बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। अधिकारी ने बताया, आगे की जांच में मर्लिन समूह और वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ राज्य सरकार के सार्वजनिक अधिकारियों के बीच संबंध मिले हैं। समूह और उसके प्रमोटरों के साथ उनकी भूमिका और वित्तीय लेन-देन की वर्तमान में जांच की जा रही है। ईडी ने बताया कि छापेमारी वाले परिसरों से आपत्तिजनक डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं और मामले की जांच जारी है ।

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