नेपाल में बाढ़ के बीच फंसे महाराष्ट्र के पर्यटक : ठौर-ठिकाना और सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास तेज, 4 का लगा पता
स्थिति पर रखी जा रही नजर
मुंबई। महाराष्ट्र प्रशासन नेपाल के रासुवा जिले की भोटेकोशी नदी में अचानक आयी बाढ़ के बाद पड़ोसी देश में फंसे राज्य के लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। संबंधित अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने महाराष्ट्र के निवासियों का ठौर-ठिकाना और सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिये हैं। विभाग जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। प्रशासन ने कहा कि अब तक महाराष्ट्र के चार पर्यटकों के साथ संपर्क स्थापित किया जा चुका है। इनमें से दो मुंबई एवं दो पुणे के रहने वाले हैं। सभी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि नेपाल के रासुवा में आयी बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने भारतीय पर्यटकों की जानकारी जुटाना शुरू कर दी है। महाराष्ट्र प्रशासन ने नेपाल गये स्थानीय लोगों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि अगर पर्यटक कहीं फंसे हुए हैं, बाढ़ से प्रभावित हैं या उनके साथ संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा, तो जल्द से जल्द उनकी जानकारी जिला आपातकालीन कार्यवाही केंद्र के साथ साझा करें। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के यात्रियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। परभणी, लातूर, हिंगोली, जालना और छत्रपति संभाजीनगर के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने नेपाल की यात्रा पर गए ऐसे परिजनों, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनके परिवारों से संबंधित जिला नियंत्रण कक्षों को जानकारी देने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों का नाम, संपर्क विवरण, यात्रा का स्थान या अंतिम ज्ञात लोकेशन तथा साथ यात्रा कर रहे लोगों की जानकारी मांगी गई है।
इस कवायद का उद्देश्य महाराष्ट्र के उन निवासियों की समेकित सूची तैयार करना है, जिन्हें सहायता की आवश्यकता हो सकती है और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर उनकी सुरक्षित वापसी या अन्य आवश्यक सहायता सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और महाराष्ट्र के पर्यटकों के संबंध में आगे मिलने वाली जानकारी साझा की जाएगी। परिवारों से अपील की गई है कि संपर्क टूटने की स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें और संपर्क बहाल होने का इंतजार न करें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और उनके ठिकाने का जल्द से जल्द सत्यापन किया जा सके।

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